शून्य निवेश पर नवाचार आधारित प्रशिक्षण

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?बिना खर्च एवं मौजूदा संसाधनों में नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देना ही उद्देश्य
? प्रशिक्षण में अभिनव आधारित गतिविधियों डाला पर प्रकाश

परवेज अख्तर/सिवान-: शिक्षा में गुणात्मक सुधार के उद्देश्य से श्री अरविंदो सोसायटी के तहत शून्य निवेश पर नवाचार (जीरो इनवेस्टमेंट इनोवेशन फोर एजुकेशन इनिटीटिव्स) आधारित प्रशिक्षण संकुल संसाधन केन्द्र बलईपुर के तत्वावधान में बीईओ शमसी अहमद खां के निर्देशन में संकुल समन्वयक प्रकाश कुमार की देख-रेख में मंगलवार को प्रारंभ हुआ। मास्टर ट्रेनर मनीष जयसवाल ने प्रशिक्षण की महत्ता पर बिंदुवार समीक्षात्मक चर्चा किया। प्रशिक्षण में संकुलाधीन 36 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

क्या है शून्य निवेश नवाचार-: शून्य निवेश नवाचार का तात्पर्य बिना खर्च के विद्यालय में मौजूदा संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर शिक्षा मे गुणात्मक सुधार लाना है। शिक्षक और छात्र के मध्य सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करना व नौनिहालों के बीच रचनात्मकता का सृजन करना ही इस प्रशिक्षण की प्राथमिकता है।

जेडआईआईईआई की विशेषता :
1- सीखने के अंतराल में कमी और सीखने के परिणाम में इजाफा
2- महिला शिक्षा पर विशेष ध्यान
3- विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा का सृजन
4- बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास
5- माता-पिता और अभिभावक की अधिकतम भागीदारी
6- छात्र नामांकन दर में वृद्घि का निरंतर प्रयास
7- शिक्षकों के शिक्षण के प्रति अभिरूचि के स्तर में इजाफा

शिक्षा में शून्य निवेश पर 11 नवाचार गतिविधियां

1- कला शिल्प से सर्वांगीण विकास,
2- खेल-खेल में शिक्षा,
3- सामुदायिक सहभागिता,
4- अभिनव शिक्षण तकनीक,
5- सरल अंग्रेजी अधिगम,
6- बाल संसद,
7- दैनिक बाल अखबार,
8- छात्र प्रोफाइल,
9- भविष्य सृजन,
10- कांसेप्ट मैपिंग,
11- चित्रकथा

उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर विधिवत चर्चा की गई। इसके लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभिन्न अभिनव गतिविधियों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। मौके पर मुस्ताक अंसारी, संदीप प्रसाद, शंभू कुमार, धीरज कुमार, सतीश कुमार श्रीवास्तव, देवेन्द्र उपाध्याय, रितेश सिंह, राजेश सिंह, मंजेश सिंह, प्रभा शंकर तिवारी, सुमन कुमारी, रितु सिंह, फरजाना खातून, अजीत कुमार सिंह, सरोज कुमारी, माधुरी मिश्रा, संगीता सिंह, पूनम कुमारी, विश्वजीत कुमार, धर्मेंद्र कुमार सहित संकुलाधीन सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के आधे शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।