जीरादेई: सोलह श्रृंगार कर सौभाग्यवती महिलाओं ने किया वट सावित्री व्रत

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सुहाग व संतान की सलामती के लिए किया वट वृक्ष की विशेष पूजा

परवेज अख्तर/सिवान: पति की दीर्घायु को लेकर गुरुवार को वट सावित्री का पर्व सुहागिन महिलाओं ने उत्साह और उमंग के साथ मनाया. सौभाग्यवती महिलाओं ने बरगद के पेड़ में मौली धागा लपेटकर विधि विधान से पूजा-अर्चना कर पति व संतान की दीर्घायु की कामना की. शहर से लेकर गांव तक वट सावित्री का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया. पति की दीर्घायु को लेकर मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह देखा गया. अहले सुबह घरों के आसपास स्थित बरगद पेड़ के पास महिलाएं समूह में एकत्रित हुई.

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इसके बाद विधि-विधान से प्रसाद के रूप में थाली में गुड़, भीगे हुए चने, आटे से बनी हुई मिठाई, कुमकुम, रोली, मोली, पांच प्रकार के फल, पान का पत्ता, धुप, घी का दीया, एक लोटे में जल और एक हाथ का पंखा लेकर बरगद पेड़ के नीचे पूजा प्रारंभ हुई. पेड़ की जड़ में पानी चढ़ाया गया. फल, प्रसाद, धूप, दीप व नैवेद्य चढ़कर पूजा अर्चना की गई. अंत में बरगद के पेड़ के चारों ओर मौली धागा लपेटकर पूजा-अर्चना संपन्न की गई. इस दौरान व्रतियों ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य की कामना किया. पूजनोपरांत प्रसाद का वितरण किया गया. मालूम हो कि वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है. इस साल वट सावित्री व्रत पर चतुर्ग्रही योग बना था. जो अध्यात्म के लिए सर्वोत्तम योग माना जाता है.