दिल्ली दंगे पर बनी गोपालगंज के कमलेश मिश्र की फिल्म हुई रिलीज

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दंगों के नतीजों को समझने की कोशिश है यह फिल्म’दिल्ली राइट्स-ए टेल ऑफ बर्न एंड ब्लेम’

निधि द्विवेदी(गोपालगंज)
फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगे पर बनी गोपालगंज के हथुआ प्रखंड के सिंगहा निवासी कमलेश मिश्र द्वारा निर्देशित फिल्म’दिल्ली राइट्स-ए टेल ऑफ बर्न एंड ब्लेम’मंगलवार को रिलीज हो गयी.यह फिल्म अभी तक बनी डाक्यूमेंट्री फिल्मों से बिल्कुल अलग है.दिल्ली दंगे पर आधारित होने के कारण पूरे देश को कमलेश मिश्र की इस फिल्म का इंतजार था.फिल्म बिल्कुल अलग अंदाज में बनी है.रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर भी यह काफी चर्चा में आ गयी है.दिल्ली में जब दंगा हुआ,तो तरह-तरह के बयान दिये गये थे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि बिगाड़ने की कोशिश की गयी थी.जांच में साजिशकर्ताओं की लंबी सूची सामने आयी थी.मुकदमे भी हुए,लेकिन आखिर इतनी बड़ी साजिश की जड़ क्या थी,इस फिल्म को इन बिंदुओं पर केंद्रित किया गया है.फिल्म के डायरेक्टर कमलेश मिश्र ने बताया कि दंगों में जिन लोगों ने अपनों को खो दिया.उनके दर्द मेरे सामने थे.उनके घाव शायद ही कभी भरें.दर्द की दास्तां भी बहुत लंबी है.साजिशकर्ताओं की प्लानिंग भी बेहद चौकानेवाली है.उन्होंने कहा कि मेरी यह फिल्म ‘दिल्ली राइट्स-ए टेल ऑफ बर्न एंड ब्लेम’ दिल्ली दंगों की इन तमाम भीतरी परतों,लोगों की वेदनाओं व इतनी बड़ी साजिश के खरतनाक नतीजों को समझने की एक कोशिश है.इसे देख पूरा देश यह जरूर सोचेगा कि इस तरह के दंगे देश फिर कभी न हों.यह फिल्म सौहार्द कायम रखने का एक संदेश भी है.

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क्या है दिल्ली दंगा 2020

23 फरवरी 2020 को दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में दंगे भड़क उठे.एक सप्ताह तक दंगे की आग में पूरा इलाका झुलसता रहा.इसमें 53 लोगों की जानें चली गयी थीं.छह सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे.पांच सौ से अधिक गाड़ियां फूंक दी गयी थीं.लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गये थे.

इनकी डाक्यूमेंट्री फिल्म को मिल चुका है नेशनल अवार्ड

कमलेश मिश्र द्वारा निर्देशित डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘मधुबनी-द स्टेशन ऑफ कलर्स’ को 2019 में नेशनल फिल्म अवार्ड मिल चुका है.बेस्ट नैरेशन की श्रेणी में इसका चयन नेशनल फिल्म अवार्ड के लिए किया गया था.2017 में इनके द्वारा बनायी गयी लघु फिल्म’किताब’विदेशों में भी चर्चित रही.यह फिल्म अभी तक पूरी दुनिया में 50 से अधिक फिल्म समारोहों में दिखायी जा चुकी है.इस फिल्म को एक दर्जन से अधिक पुरस्कार मिल चके हैं.इनके अलावा कमलेश मिश्र की दर्जनों डाक्यूमेंट्री फिल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमाल मचायी हुई हैं.

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