पितृपक्ष में अजय से शादी रचा शहाबुद्दीन के तिलस्म को तोड़ा था कविता ने

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shahabuddin vs kavita singh
  • शादी कर बनीं विधायक, 8 साल बाद सिवान की हुई सांसद
  • नीतीश कुमार ने रखी थी टिकट के लिए शर्त

परवेज़ अख्तर/सिवान:

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कविता सिंह (Kavita Singh) जदयू की नेत्री है और सिवान से सांसद है। बिहार की राजनीति में 2011से पहले यह चेहरा गुमनाम था।बस अजय सिंह से शादी की और बिहार की राजनीति में सबसे चर्चित चेहरों में बेशुमार होते चली गई। अजय सिंह से शादी के बाद कविता राजनीति के बढ़ते कदम में वे लगातार बुलंदियों को छूती रही है। यहाँ तक की सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का भी कविता  को आशीर्वाद मिलते चला आ रहा है। इसी का नतीजा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कविता सिंह ने शहाबुद्दीन के तिल्सम को तोड़ते हुए उनकी पत्नी हिना शहाब को चुनाव में मात दी।

कौन है कविता :

कविता बिहार के सीवान से जदयू की सांसद और अजय सिंह की पत्नी है। कविता सिवान के दारौंदा सीट से 2019 तक विधायक थी।इस सीट पहले कविता सिंह की सासू माँ स्वर्गीय जगमातो देवी चुनाव लड़ती थी। 2011 में उनके निधन के बाद दारौंदा में उपचुनाव था। जगमातो देवी के बेटे अजय सिंह ने इस सीट पर दावेदारी पेश की। लेकिन नीतीश कुमार ने उसे ठुकरा दिया था। क्योंकि वे अपराधी छवि के थे।अजय सिंह की उस समय तक शादी नहीं हुई थी।

नीतीश कुमार ने रखी थी शर्त :

नीतीश कुमार ( Nitish Kumar) ने अजय सिंह के सामने उस समय शर्त रखी थी। तुम किसी से शादी कर लो, हम उसे टिकट देंगे। मां के देहांत हो जाने के बाद अजय सिंह के सामने संकट की घड़ी थी। उस समय पितृपक्ष चल रहा था और पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य नही होता है। नीतीश कुमार की सलाह पर अजय सिंह ने शादी के लिए तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कविता सिंह से पितृपक्ष में शादी करने का फैसला किया। टिकट के लिए बिना मुहूर्त के ही अजय सिंह ने कविता सिंह से शादी कर ली। और पितृपक्ष को ठुकरा दी।

जदयू ने थमा दिया टिकट:

शादी के बाद जदयू ने कविता को दारौंदा उपचुनाव का टिकट थमा दिया था। कविता चुनाव लड़ी और जीत भी गई। जीत के बाद कविता सिंह नीतीश कुमार से आर्शीवाद लेने पहुँची। विधायक बनने के बाद कविता  की खूब चर्चा हुई। उसके बाद वे चर्चित होते चली गई।

2015 में जेडीयू ने फिर किया भरोसा:

2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू और राजद के बीच गठबंधन था। सीएम नीतीश कुमार ने फिर से कविता पर ही भरोसा जताया। कविता नीतीश कुमार की उम्मीदों पर खर्रा उतरी और फिर चुनाव जीत गई। बाद में जदयू और राजद में गठबंधन टूट गया। नीतीश कुमार फिर से बीजेपी के साथ आ गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में अजय  ने अपनी पत्नी कविता के लिए लोकसभा चुनाव का टिकट मांगा। जदयू (JDU) ने कविता सिंह को लोकसभा का उम्मीदवार बनाया।

शहाबुद्दीन का तिलस्म तोड़ा :

एक समय में सिवान शहाबुद्दीन का गढ़ रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सिवान सीट से शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) की पत्नी हिना शहाब उम्मीदवार थीं। कविता भी अजय सिंह की पत्नी है। इसलिए इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प था। कविता सिंह ने शहाबुद्दीन की पत्नी को करीब 1 लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव में हराया था। कविता सिंह को 4 लाख 48 हजार 473 और शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को 3 लाख 31 हजार 515 वोट मिले थे।

साए की तरह साथ रहते हैं पति :

सिवान की राजनीति में अब कविता और उनके पति अजय सिंह का अच्छा-खासा दखल है। कविता अब कई सामाजिक गतिविधियों में एक्टिव रहती हैं। वहीं, उनके पति अजय सिंह हर राजनैतिक कार्यक्रमों में उनके साथ साए की तरह रहते हैं। विधानसभा चुनाव की वजह से कविता सिंह और उनके पति अजय सिंह एक बार फिर से चुनावी क्षेत्र में एक्टिव हैं।

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