सिवान के लाल अशोक राष्ट्रपति पुलिस पदक से होंगे सम्मानित

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15 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे इन्हें सम्मानित

परवेज अख्तर/सिवान: देश की सरहदों की रक्षा में लगे सीवान के लाल और आईटीबीपी के उप-महानिरीक्षक (जीडी) अशोक कुमार को उनकी असाधारण सेवाओं के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रपति पुलिस पदक देने का निर्णय लिया है। 15 अगस्त 2021 को उन्हें यह पदक प्रदान किया जाएगा। सिसवन प्रखंड के घुरघाट गांव निवासी अशोक कुमार को राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए नामित किए जाने पर उनके गांव में खुशी का महौल है। पंचायत के मुखिया सुनील कुमार मिश्रा ने इसपर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का फक्र है कि उनके पंचायत के डीआईजी को इस पदक के लिए चुना गया है। वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए स्थापित इस पदक के लिए अशोक कुमार के नाम का चयन किए जाने पर उनके भाई और हाईस्कूल गंगपुर सिसवन में सांइस के शिक्षक अजय कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने भाई पर गर्व है। शनिवार को परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।

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गांव के स्कूल से ही प्रारंभिक शिक्षा पूरी की थी

गांव के ही स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने वाले अशोक कुमार का जन्म 2 फरवरी 1964 में हुआ था। पिता ब्रह्मदेव प्रसाद व माता देवकली देवी ने इन्हें पढ़ने का खूब मौका दिया। पटना विश्वविद्यालय से पीजी करने के बाद 6 दिसम्बर 1987 को इनका चयन सीधी भर्ती से अर्द्धसैनिक बल (सहायक सेनानी) में अधिकारी के पद पर हो गया। आज वे आईटीबीपी में उप-महानरीक्षक के पद पर तैनात हैं। अशोक कुमार सुरक्षा सचिव, एसपीजी के अलावा कई पीएम के साथ सुरक्षा अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

राजभाषा हिन्दी को बढ़ावा देने पर पुरस्कार

अशोक कुमार को वर्ष 2009-10 के लिए बल स्तरीय राजभाषा चल-फील्ड प्रदान किया जा चुका है। 23वीं बलाटियन में काम करने के दौरान राजभाषा हिन्दी का प्रभावशाली प्रयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। सीमा पर आंतकवाद और तस्करी रोकने और साल 2005 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान बेहतर काम करने को लेकर सरकार ने इनकी सराहना की थी। परिवार के लोगों ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. नरसिम्हा राव, चन्द्रशेखर, बीपी सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी और कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी की सुरक्षा में इनकी ड्यूटी ली जा चुकी है।