सिवान के जीरादेई से महागठबंधन के विधायक पुलिस लाठीचार्ज में हुए हैं घायल, जेल में बंद है विधायक

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  • सड़क से सदन तक होता रहा संग्राम
  • चर्चित चिलमरवा हत्याकांड में जेल में बंद है जीरादेई से महागठबंधन के विधायक श्री अमरजीत कुशवाहा

परवेज अख्तर/सिवान:
बिहार विधानसभा में मंगलवार को पेश सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2021 को लेकर जो हंगामा व उपद्रव हुआ। उसमें सिवान जिले के जीरादेई से महागठबंधन के विधायक श्री अमरजीत कुशवाहा जो पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए हैं। फिलहाल घायल श्री कुशवाहा सिवान जिले के चर्चित चिलमरवा हत्याकांड में जेल के सलाखों में हैं और यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। यहां बताते चलें कि जेल में रहने के बावजूद भी महागठबंधन के आलाकमान ने इन्हें जीरादेई विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी घोषित कर सिंबल दिया था। सिंबल प्राप्त होते ही इन्हें अपार समर्थन हासिल होने की वजह से इनके सर पर जीत का सेहरा बंधा। यहां बताते चलें कि विधेयक को पास होने से रोकने की जिद पर अड़े विपक्षी विधायकों को हटाने के लिए कुछ पुलिस वालों ने लात मुक्के चलाए। धक्का मारकर और उनके टांग खींच कर उन्हें बाहर निकाला।

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स्पीकर की कुर्सी घेरकर खड़ी विपक्ष की महिला विधायकों को भी नहीं बख्शा गया और उनके टांग खींचकर उन्हें बाहर निकाला गया । बिहार विधानसभा के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ था। पहले राजद, कांग्रेस समेत विपक्ष के विधायकों ने सदन और भवन के गलियारों में जमकर उपद्रव किया।बात इतनी बढ़ गई कि पटना डीएम और एसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल विधान सभा पहुंचा।विधायकों को थप्पड़ और लात मारते पुलिस वालों के वीडियो दनादन सोशल मीडिया पर दिखने लगे। इस मल युद्ध जैसे हालात के बीच शाम 7:30 बजे बिहार सशस्त्र पुलिस बल विधेयक पास हो गया। उधर पुलिस के लाठीचार्ज से हुए सिवान जिले के जीरादेई से महागठबंधन के विधायक श्री अमरजीत कुशवाहा के मसले पर वरिष्ठ एपवा नेत्री श्रीमती सोहिला गुप्ता ने कहा कि सूबे के तानाशाह मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बर्बरता पूर्वक जनप्रतिनिधियों के आवाज को दबाने के लिए लाठीचार्ज करवाया है। और लाठीचार्ज कराकर सदन में काला पुलिसिया कानून लाया गया है।

इतिहास में पहली बार पुलिस बलों की मौजूदगी में कार्यवाही

विधानसभा में मंगलवार को यह इतिहास भी बन गया यह पहला मौका था।जब सदन के भीतर पुलिस के जवानों को विपक्ष के हंगामे को रोकने के लिए बुलाया गया था।एस्टेट रैपिड एक्शन फोर्स के लगभग एक 100 जवानों को विधानसभा के चप्पे-चप्पे पर लगा दिया गया। बड़ी संख्या में एस्टेट रैपिड एक्शन फोर्स के जवान सदन के भीतर मौजूद थे।उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के आसन के इर्द-गिर्द अपनी पोजीशन ले ली थी।नेता प्रतिपक्ष की इन जवानों से कहासुनी भी हो गई। कुछ देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इन जवानों को सदन से हटा दिया।