ममता का इम्तिहान: मजबूर मां ने अपने लख़्त-ए-ज़िगर को जजीरों में कर दिया कैद, क्यो?

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पटना: कहते हैं कि पुत्र भले ही कुपुत्र हो जाए लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती। अपने जिगर के टुकड़े पर कभी जुल्म होता नहीं देख सकती और उसे कभी जंजीरों से बांधने का पाप तो कर ही नहीं सकती। लेकिन सासाराम की एक मां इतनी मजबूर हो गई है उसने अपने जिगर के टुकड़े को अपने घर में जंजीरों से बांध दिया है। लेकिन इस मां के मातृत्व और ममता पर अभी भी कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता क्योंकि, इस मां ने भगवान श्री कृष्ण की माता यशोदा की तरह अपने बेटे को अपने घर में जंजीरों से बांध रखा है ताकि उसकी हिफाजत सुनिश्चित हो सके। यह वाकया रोहतास के सासाराम कबीरगंज मोहल्ले का है।

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तस्वीरों में गले से लेकर हाथ तक जंजीरों में बंधा दिख रहे युवक का नाम कृष्ण कुमार है जो नशे का आदी हो चुका है। कृष्ण कुमार शराब से लेकर गांजा, भांग, तमाम तरह के नशे का शिकार है और नशे की हालत में वह अपने घर में ही तोड़फोड़ करता है। माता चंद्रमणि कुमर कहती हैं कि वह जब भी बाहर से नशा पान करके आता है तब तब वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता है और मना करने पर घर के सारे सामान की तोड़फोड़ करने लगता है। विगत 1 साल से उसकी यहा हड़तक जारी है। जब आसपास के लोगों से सहायता मांगी जाती है तो कोई सहायता या सहयोग करने के लिए भी तैयार नहीं होता। उल्टे लोग इस मजबूर मां और पत्नी की खिल्ली उड़ाते हैं कि दोनों मिलकर एक को संभाल नहीं सकते। इसी वजह से मां और पत्नी दोनों ने मिलकर कृष्ण कुमार को अपने ही घर में जंजीरों से बांध लिया है ताकि वह नशे का सेवन न करें और कोई उल्टी-सीधी हरकत भी नहीं करे।

पत्नी सोनी कुमारी बताती है कि उसकी शादी मात्र 5 माह पहले हुई थी। उसे पता नहीं था कि कृष्ण कुमार नशे का शिकार है। सोनी बताती हैं कि एक दिन उसने मारपीट के दौरान मंगलसूत्र भी तोड़ दिया। मजबूरी में सास और बहू दोनों ने मिलकर कृष्ण कुमार को जंजीरों से बांध दिया है। दोनों मिलकर उसे समय-समय पर खाना खिलाते हैं और उसकी देखभाल अच्छे तरीके से करते हैं।