महाराजगंज में स्वर्णकार की हत्या के बाद बाजार बंद, डीआईजी को बुलाने की मांग पर अड़े व्यवसाई

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स्वर्ण व्यवसायियों ने नखास चौक पर शव को रखकर किया प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

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परवेज अख्तर/सिवान :
महाराजगंज शहर में अपराधियों द्वारा व्यवसायियों से रंगदारी मांगने का क्रम जारी है. पुलिस सुस्त पड़ी है. यहीं कारण है कि बुधवार की संध्या शहर के रेलवे ढ़ाला के समीप संस्कृत विद्यालय परिसर में अपराधियों ने एक स्वर्ण आभूषण कारीगर को चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया. वहीं उसके दो सगे भाईयों, साले को चाकू मार बुरी तरह जख्मी कर दिया. जिनका इलाज पटना पीएमसीएच में हो रहा है. व्यवसायियों की माने तो यह हत्या रंगादारी से जुड़ा है. गोपालगंज जिले के मीरगंज निवासी जयप्रकाश सोनी 2012 में अपने पत्नी व तीन पुत्रों बिट्टू कुमार सोनी, यशवंत कुमार व गोलु कुमार के साथ महाराजगंज शहर में सोने का गहना बनाने की कारीगरी करने के लिए आये. घीरे घीरे वे लोग मेहनत कर पुरानी बाजार कपड़ाहटी में जमीन खरीदकर अपना मकान बना लिये. बुधवार की संध्या बिटु कुमार सोनी को किसी ने फोन कर रेलवे ढ़ाला संस्कृत विद्यालय के समीप आने को कहा. जिसपर अपने भाई यशवंत कुमार, गोलु कुमार अपने साले मनीष कुमार के साथ गया. तभी एक अपराधी ने कहा कि तुमसे सोने का गहना रंगदारी के रूप में मांगा गया था. इसे तुमने दिया नहीं. उसके बाद करीब पांच छह की संख्या में अपराधियों ने सभी पर चाकू से प्रहार कर दिया. जिससे वे सभी जख्मी हो गिर गये. अगल बगल के लोगों ने घटना को देख दौड़कर सभी को महाराजगंज पीएचसी लाया. जहां बिटु कुमार सोनी की मौत हो गयी. वहीं यशवंत, गोलू को सीवान रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने यशवंत की गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया. मनीष को प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया.

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हत्या के विरोध में व्यवसायियों ने बंद रखी दुकानें

स्वर्ण आभूषण कारीगर बिट्टू कुमार सोनी की बुधवार की संध्या अपराधियों द्वारा चाकू मारकर हत्या के विरोध में गुरुवार को सुबह से ही व्यवसायियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद रखी. व्यवसायी की हत्या के बाद शहर के व्यवसायी काफी उग्र थे. सुबह से ही वे अपनी अपनी दूकाने बंद रखी. शहर के पुरानी बाजार, काजी बाजार, मोहन बाजार, सिंहौता, नया बाजार सहित सभी मुहल्ले की दुकानें बंद थी. व्यवसायी के शव को नखास चौक पर रखकर डीआईजी मनु महाराज को बुलाने की मांग पर अड़े थे. व्यवसायियों का कहना था कि मुख्यालय की पुलिस मृतप्रायः हो गयी है. उन्हें व्यवसायियों की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है. दिनभर पुलिस शराब के पीछे भाग रही है, जिसके चलते अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है.

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भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती

बिट्टू कुमार सोनी की हत्या के बाद शहर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. पुलिस प्रशासन की तरफ से दंगा रोधी ब्रज वाहन की भी व्यवस्था कराई गई थी. प्रशासन की तरफ से भारी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनाती किया गया था. विधि व्यवस्था को लेकर महाराजगंज दुरौंधा और गोरेयाकोठी पुलिस भी शहर के सभी चौक चौराहे पर पुलिस बल तैनात थी.

सीओ और बीडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उठाया शव

मृतक के शव को नखास चौक पर रखकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन करने की सूचना पर पहुंचे बीडीओ नंदकिशोर साह और सीओ रविंद्र राम पहुंच कर मृतक के परिजनों को सरकारी मद से तत्काल बीस हजार रूपए सहायता राशि प्रदान किया. वही सीओ रविंद्र राम ने आपदा प्रबंधन के तरफ से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाने के बाद करीब छह घंटे बाद शव को उठाया गया.

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शव पहुंचते ही परिजनो में कोहराम

मृतक बिट्टू कुमार सोनी का शव गुरुवार की अहले सुबह करीब चार बजे घर पर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. मां मुन्नी देवी और पत्नी आरती देवी शव से लिपटकर रोने लगी. पुत्री हर्षिता बार बार पापा उठिए ना कह कर रो रही थी. पूर्व विधायक हेम नारायण शाह मृतक के घर पहुंच कर मामले की जानकारी ली. परिजनों को सांत्वना देते हुए अपराधियों के गिरफ्तारी की मांग की. राजद के प्रदेश महासचिव अरविंद गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष श्यामदेव राय, राज किशोर गुप्ता, चंद प्रकाश गुप्ता आदि ने मृतक के पिता से मिलकर इस घटना की निंदा की.

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क्या कहते हैं एसडीपीओ-

अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. हर हाल में अपराधी सलाखों के पीछे होंगे. इसके लिए छापामारी की जा रही है.
पोलस्त कुमार, एसडीपीओ, महाराजगंज