मानसिक तनाव आपकी खुशी और मुस्कान को भी चुरा लेता है: सिविल सर्जन

0
  • अंतर्राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर परामर्श शिविर का हुआ आयोजन
  • मानसिक तनाव से बचने के बारे में दी गई जानकारी

छपरा: अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिले के सदर अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य जांच व परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने किया । तनावग्रस्त जीवनशैली एवं बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके प्रति जागरूकता पैदा करने और इससे बचने के उपायों पर विचार करने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को पूरे विश्व में ”अंतर्राष्ट्रीय मानसि‍क स्वास्थ्य दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर जनमानस में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं चिकित्सकीय परामर्श शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों को मानसिक तनाव से बचने के बारे में जानकारी दी गई तथा विशेष रूप से उनकी काउंसलिंग की गई। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने कहा कि यह बात हर किसी को हर दिन याद रखनी चाहिए कि तनाव किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं को जन्म देता है। उदाहरण के लिए तनाव आपको अत्यधिक सिरदर्द, माइग्रेन, उच्च या निम्न रक्तचाप, हृदय से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त करता है। यह आपका स्वभाव चिड़चिड़ा कर आपकी खुशी और मुस्कान को भी चुरा लेता है। इससे बचने के लिए तनाव पैदा करने वाले अनावश्यक कारणों को जीवन से दूर करना जरूरी ही नहीं अनिवार्य हो गया है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

civil sarjan

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बेहद जरूरी

सिविल सर्जन डॉ झा ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के कारण थकान होना आम बात है। शरीर की थकान जब शारीरिक बीमारी का कारण बनती है, तो हम दवाओं या अन्य उपायों के जरिए ठीक हो जाते हैं। वहीं, मानसिक थकान हमें मानसिक तौर पर बीमार कर सकती है। मानसिक तौर पर अस्वस्थ होने की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता। कई बार पढ़ाई या काम के बोझ, रिश्ते में दरार, करियर को लेकर हमारी चिंता हमें तनाव देती है और यह लंबे समय तक रहा तो डिप्रेशन यानी अवसाद में तब्दील हो सकता है। ऐसे में मेंटल हेल्थ यानी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बेहद जरूरी है। इस मौके पर एनसीडीओ डॉ एचसी प्रसाद, डीएस डॉ रामइकबाल प्रसाद, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश कुमार, डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, डीएमईओ भानु शर्मा, डीपीएम अरविंद कुमार, डॉ केएम दुबे, जीएनएम राज कन्या, एफएलसी प्रियंका कुमारी, राजीव गर्ग समेत अन्य मौजूद थे।

बैनर पोस्टर के माध्यम से किया गया जागरूक

इस मौके पर मानसिक तनाव से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया गया तथा आवश्यक परामर्श दिया गया। स्वास्थ्य संस्थानों पर बैनर-पोस्टर, हैंडबील, पम्पलेट के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

24×7 घंटे उपलब्ध है नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श की सुविधा

जिला स्वास्थ्य समिति डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया वैश्विक महामारी कोरोना संकट के बीच आमजनों को मानसिक तनाव से दूर रखने व इससे बचाव के लिए कई प्रयास किये जा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के 24×7 मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। टॉल फ्री नंबर- 104 पर डायल कर मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श ले सकते है। इसके अलावां नजदीक स्वास्थ्य केंद्रों पर परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।

कोरोना महामारी के बीच ये लक्षण दिखें तो ले सलाह

  • स्पष्ट रूप से सोचने और दैनिक कार्यकलापों को करने में कठिनाई
  • बार-बार एवं गलत, नकारात्मक विचारों को आना
  • आदत, मन एवं एकाग्रता में अचानक परिवर्तन का होना
  • वैसी चीजों को देखना और सुनना जो आस-पास मौजूद नहीं हो
  • आत्महत्या का विचार आना अथवा आत्महत्या करने का प्रयास करना
  • क्रोध, भय, चिंता, अपराध बोल, उदासी या खुशी की लगातार अनुभूति
  • बिना चिकित्सीय सलाह के औषधियों का अत्यधिक सेवन