सिवान के मुफस्सिल पुलिस : लुटईब त लूटा, हमरा कवनो परवाह नईखे

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” जब खुदा ही अपने रूठे हों तो दिल की जलन का क्या होगा और जब बाग का माली दुश्मन हो तो अहले चमन का क्या होगा “! 

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हैदराबाद से घर को लौट रहे मजदूर को अपराधियों ने लूटा

चेहरे पर ब्लेड के हैं जख्म लेकिन पीड़ित को कुछ भी पता नहीं

काफी थकान होने की वजह से ललित बस स्टैंड में सो रहा था मजदूर और अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम

पीड़ित सारण के जनता बाजार के बसई गांव का रहने वाला है अरविंद पासवान

परवेज़ अख्तर/सिवान:
इन दिनों मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ललित बस स्टैंड परिसर  में पुलिस निष्क्रियता के कारण चोर तथा अपराधियों का जमावड़ा लग रहा है।आए दिन सक्रिय चोर तथा अपराधी किसी न किसी अपराधिक घटना को अंजाम खुलेआम दे रहे हैं।इसके बावजूद भी पुलिस के कानों तक जूं नहीं रेंग रही है।जब पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की जाती है तो पीड़ितों का कहना है कि पुलिस द्वारा अपना पल्ला झाड़ते हुए डांट फटकार कर भगा दी जाती है।पुलिस द्वारा मानवता को शर्मसार करने वाली घटना मंगलवार की देर शाम उजागर हुई की जब हैदराबाद से लौट रहे एक मजदूर को काफी थकान होने के बाद वह जब ललित बस स्टैंड परिसर में गहरी नींद में सो गया तो स्टैंड में सक्रिय अपराधियों ने उसके चेहरे पर ब्लेड मार जख्मी कर उसका बैग ले भागे तथा उसके पॉकेट में रखे पर्स भी जबरन निकाल लिए।लुटेरों द्वारा लेकर भागे गए बैग में कपड़े तथा पर्स में मात्र 25 सौ रुपये थे।उधर घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पीड़ित को जख्मी हालत में जब स्थानीय थाने को भेजा जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपना पल्ला झाड़ते हुए उसे भगा दिया।

बाद में जख्मी हालत में खून से लथपथ पीड़ित लड़खड़ाते हुए दरबार हॉल के समीप मंगलवार की रात्रि पहुंचा और आसपास के लोगों से जब अपनी आपबीती सुनाई तो दर्जनों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।इसी बीच एक समाजसेवी ने खून से लथपथ देख पीड़ित को भौंचक रह गए तथा उसे प्राथमिक उपचार करवाया।इस दौरान मुफस्सिल थाना पुलिस की यह करतूत आम जनमानस में चर्चा का विषय बना रहा।लोगों की जुबान से सिर्फ यही बातें सुनने को मिल रही थी कि अब पीड़ित जाएं तो जाएं कहां ? उधर मुफस्सिल थाना पुलिस पर एक लोकोक्ति सटीक बैठ रही है कि ” जब खुदा ही अपने रूठे हों तो दिल की जलन का क्या होगा और जब बाग का माली दुश्मन हो तो अहले चमन का क्या होगा “! जब आम जनमानस की रक्षा में लगे रक्षक ही भक्षक हो जाएं, जब आम जनमानस की न्याय में लगे न्याय देने वाले लोग हीं पैरों तले कुचलने का काम करने लगे तो उस स्थिति में किसी भी प्रकार का उम्मीद रखना बेईमानी होगी ! यहां बताते चले कि सारण के जनता बाजार थाना क्षेत्र के बसई गांव निवासी बाबूलाल मांझी का 30 वर्षीय बेटा अरविंद पासवान जो मंगलवार की शाम गोरखपुर से सिवान पहुँचा जहाँ उसे काफी थकान होने के कारण वह सिवान के ललित बस स्टैंड में हीं गहरी नींद में सो गया तो स्टैंड परिसर में दो की संख्या में सक्रिय अपराधकर्मी उसके पास आ धमके तथा उसके चेहरे पर ब्लेड मार उसके साथ अपराधिक घटना को अंजाम दिया।

पीड़ित अरविंद पासवान ने बताया कि मैं हैदराबाद में पेंटर का काम करता हूं तथा किसी ट्रेन से मैं गोरखपुर पहुंचा और गोरखपुर से बस पकड़कर सिवान के लिए आया और इसी बीच काफी थकान होने के कारण मैं ललित बस स्टैंड में सो गया। जहां पर सक्रिय अपराधियों ने उक्त घटना को अंजाम दिया और जब मैं इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से करने गया तो पुलिस द्वारा टालमटोल करते हुए मुझे थाना परिसर से भगा दिया गया।जहां से मैं लड़खड़ाते हुए दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं।वहीं इस संदर्भ में मुफस्सिल थानाध्यक्ष श्री ददन सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसी घटना मेरे संज्ञान में नहीं है।उधर पुलिस द्वारा दी गई यह जवाब को जब आम जनमानस में सार्वजनिक किया गया तो पुलिस की रटी-रटाई जवाब आम लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रही है।