मुखिया हत्या कांड: पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित होने के बाद से सुर्खियों में आये थे सुनील सिंह

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  • मात्र 28 मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को दी थी शिकस्त
  • दो पुत्रियों तथा एक एकलौता पुत्र का रोते-रोते हुआ बुरा हश्र।
  • रविवार की देर रात्रि से ही सोमवार को पूरे दिन, मृत मुखिया के दरवाजे पर लोगों का लगा रहा जमावड़ा

परवेज़ अख्तर/सिवान:
…और जैसे ही रविवार की देर रात्रि अपराधियों के गोली के शिकार बलऊ पंचायत के मुखिया सुनील सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव नेरुआ पहुंचा तो परिजनों की हृदय विदारक चीत्कार से पूरे पंचायत में मातमी सन्नाटा पसर गया।अंधेरी रात में ही क्या बूढ़े ,क्या नौजवान, एका-एक उनके शव को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।मृत मुखिया के अंतिम दर्शन पाने के लिए पंचायत के लोग काफी बेताब दिखे।वहीं सोमवार की अहले सुबह से ही मुखिया के दरवाजे पर पंचायत, प्रखंड तथा जिला मुख्यालय के कोने-कोने से उनके चहेतों का आना -जाना लगा हुआ था।घटना के दूसरे दिन बाद भी परिजनों के हृदय विदारक चीत्कार से उपस्थित लोगों का कलेजा पिघल जा रहा था।

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मृतक की पत्नी प्रतिमा देवी तथा दो पुत्रियों में क्रमशः सपना सिंह व पुनीता सिंह अपने खोये हुए पिता के ग़म में दहाड़ मार रो- बिलख रही थी।शोक संपत परिवार वालों को सांत्वना देने बारी-बारी से पंचायत,प्रखंड व जिला मुख्यालय के कोने-कोने से लोगों का आना जाना लगा हुआ था।विधवा पत्नी प्रतिमा देवी का रोते-रोते बुरा हाल हो चुका है।यहां बताते चलें कि मृत मुखिया सुनील सिंह जो महाराजगंज प्रखंड के बलऊ पंचायत ने 2016 में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से मात्र 28 मतों से जीत हासिल की थी।इसके पूर्व 2011 में वे बलऊ पंचायत समिति संख्या 16 के पंचायत समिति सदस्य के रूप में चुने गए थे। समिति सदस्य चुने जाने के बाद इनके कार्यकाल में इनकी इतनी लोकप्रियता बढ़ गई कि वे 2016 में मुखिया पद के दावेदार हुए तथा चुनावी जंग में कूद पड़े।इस दरमियान पंचायत वासियों ने इन्हें मुखिया चुना।

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छोटी बेटी की शादी के थे फिराक में

मृत मुखिया सुनील सिंह के दो पुत्रियों उम्र में क्रमशः बड़ी पुत्री सपना सिंह व छोटी पुत्री पुनीता सिंह है।बड़ी पुत्री की शादी पूर्व में ही हो चुकी है।छोटी पुत्री सपना सिंह की शादी की फिराक में उसके पिता लगे हुए थे।लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया। पिता की हुई हत्या के बाद से छोटी पुत्री सपना सिंह का रोते-रोते बुरा हश्र हो चुका है। वे अपने मां प्रतिमा देवी से लिपट लिपट कर रोते-रोते बेसुध हो जा रही है। घर के अंदर मौजूद अन्य महिलाओं ने भी अपनी-अपनी आंसू को नहीं रोक पा रही है। घर के अंदर से निकल रही करुण चीत्कार से दरवाजे पर उपस्थित लोग भी भावुक हो जा रहे हैं।