साथी के जगह इम्तेहान देने वाला मुन्ना भाई गिरफ्तार

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munna bhai

परवेज़ अख्तर/सीवान:- अब चाहे कोई छात्र कितना भी पढने में तेज हो लेकिन 17 से 18 साल की उम्र मे बीएड की परीक्षा देगा तो उसपर हर किसी की निगाह तो जाएगी ही। हालांकि छात्र ने एक पेपर की परीक्षा दे भी दी लेकिन कहते हैं न कि कितनी भी सफाई से बेइमानी करो एक दिन पकडे ही जाआगो। ये छात्र भी दुसरे दिन की परीक्षा में आखिर विक्षक व केंद्राधीक्षक की पकड़ में आ ही गया। मामला डीएवी पीजी कॉलेज का है जहां जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति के कड़े निर्देशन में जारी बीएड परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को अपने साथी की जगह परीक्षा देने के आरोप में एक मुन्ना भाई को पकडा गया। पहले दिन सोमवार को बारिस का लाभ उठाकर हालांकि मुन्ना भाई ने पहले पेपर की परीक्षा दे भी दिया था। बुधवार को मुन्ना भाई तब पकडा गया जब वीक्षक ने गहराई से अटेंडेंश सीट पर अंकित तस्वीर और प्रवेश पत्र पर अंकित तस्वीर का मिलान किया। अटेंडेंश सीट पर अंकित तस्वीर से परीक्षा दे रहे युवक की तस्वीर पूरी तरह भिन्न थी।परीक्षा केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट के लिखित आवेदन के बाद मुन्ना भाई को थाने को सुपूर्द करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी। पकड़ा गया मुन्ना भाई रोहित ठाकुर है, जो गोपालगंज थाना के हजियापुर गांव निवासी महात्मा ठाकुर का पुत्र है तथा वह अपने दोस्त गुंजन कुमार तोमर के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। रोजित की माने तो उसके दोस्त का पैर किसी हादसे में टूट गया है जिसके कारण उसे परीक्षा देना पडा। हालांकि जब पकडे गए युवक ने बताया कि वह इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा दिया है तो सभी सोच में पड गए। इस संबंध में प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक डॉ अजय कुमार पंडित ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के भीतर ही उसे पकड़ लिया गया। वह एसआरटी कॉलेज के गुंजन कुमार तोमर के स्थान पर परीक्षा दे रहा था जिसका रौल नंबर 16801285 है। प्राचार्य ने बताया कि भारी बारिस के कारण पहले दिन उक्त युवक ने धोखे से परीक्षा दिया लेकिन बुधवार को परीक्षा केंद्र में आते ही उसे धर दबोचा गया। इधर पकड़े गये मुन्ना भाई रोहित कुमार ठाकुर के खिलाफ नगर थाने में मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया। वहीं बीए पार्ट टू की परीक्षा और बीएड की परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा डॉ अशोक कुमार मिश्र, डॉ रामध्यान राय तथा डॉ पूजा कुमारी की फलाईंग स्कवायड टीम बनाई गई है जो सेंटर पर अचानक पहुंचकर जांच कर रही है। डीएवी कॉलेज में उस वक्त ये टीम मौजूद थी जिसने पूरे घटना क्रम की सूचना कुलपति प्रो. डॉ हरिकेश सिंह को दी।

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