टीबी को जड़ से मिटाने के लिए मजबूत लड़ाई लड़ने की आवश्यकता: डॉ. एपी गुप्ता

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  • बनियापुर में टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत हुई बैठक
  • स्लोगन के माध्यम से टीबी के प्रति किया गया जागरूक

छपरा: राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की सफलता के लिए छपरा जिला में ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर हर दिन प्रखंड से जिला स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। बनियापुर प्रखंड के रेफरल अस्तपाल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एपी गुप्ता की अध्यक्षता में टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप की बैठक आयोजित की गयी| बैठक में डॉ. एपी गुप्ता ने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि टीबी के मरीज गरीब परिवारों के बीच से ही आते हैं। जिसमें कुपोषित व्यक्तियों या बच्चों में ये सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि अगर कोई एक व्यक्ति टीबी से ग्रसित हो गया तो सभी लोग एक छोटी सी झुग्गी झोपड़ी में ही रहते हैं जिस कारण एक दूसरे में टीबी का संक्रमण फैल जाता है। केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर सहयोग भी अपेक्षित है।

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देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य

केयर इंडिया के बीएम नवीन कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा निर्धारित थीम टीबी हारेगा देश जीतेगा को लेकर था। इस मौके पर टीवी से संबंधित लक्षण उसके इलाज दवा वितरण पर विशेष जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी के संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग भी की जाती है। परीक्षण उपरांत रोगियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

केयर इंडिया का भी लिया जाएगा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केयर इंडिया का भी सहयोग लिया जाएगा। ताकि कार्यक्रम का सफल संचालन में कर्मियों की कमी नहीं हो और हर हाल में निर्धारित समय पर लक्ष्य पूरा किया ज सके ।

लक्षण दिखते ही कराएं जाँच

बीएचएम राम मूर्ति ने बताया कि टीबी बीमारी के लक्षण महसूस होने पर ऐसे लोगों को घबराना नहीं चाहिए। बल्कि, तुरंत इसकी जाँच करानी चाहिए। क्योंकि, टीबी अब लाइलाज नहीं है। किन्तु, समय पर जाँच कराकर इलाज शुरू करना जरूरी है। जिले के सभी पीएचसी एवं अन्य अस्पतालों में मुफ्त जाँच की सुविधा उपलब्ध है। इस बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एपी गुप्ता, बीएचएम राम मूर्ति, केयर इंडिया के बीएम नवीन कुमार, एफपीसी राजीव कुमार, एलएस सुमनलता शर्मा, शिखा कुमारी,रंजनी कुमारी, एसटीएस मनोज कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।