नीतीश के दलितों की हत्या पर नौकरी की घोषणा की निंदा

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गोपालगंज :- दलितों की हत्या पर नौकरी की घोषणा नीतीश का चुनावी स्टंट है। बेहतर होता कि नीतीश कुमार बिहार में कानून का राज स्थापित कर दलितों की हत्या पर रोक लगाते और हर वर्ग के बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाते। उक्त बातें राजद के प्रधान महासचिव इम्तेयाज़ अली भुट्टो ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। श्री भुट्टो ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि वह दलितों की हत्या का प्रमोशन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ऐलान यह बताता है कि सरकार दलितों की हत्या चाहती है।

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राजद नेता ने नीतीश कुमार से यह सीधा सवाल किया है कि अगर दलितों की हत्या के बाद उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की जा रही है तो सवर्ण, अल्पसंख्यक और पिछड़े समाज के लोगों के लिए यह सुविधा क्यों नहीं है। श्री भुट्टो ने सरकार से पूछा है कि क्या अल्पसंख्यकों और सवर्णों के जान की कोई कीमत नहीं है, क्या आदिवासी और पिछड़े समाज के लोगों की हत्या के बाद उनके परिजनों को नौकरी की आवश्यकता नहीं है।

श्री भुट्टो ने नीतीश कुमार की इस घोषणा को चुनावी झुनझुना बताते हुए कहा है कि बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश कुमार केवल झूठा वादा कर रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि अगर उन्हें दलितों से इतना ही प्रेम है तो जब देश में एससी एसटी एक्ट को हटाया जा रहा था, पूरा समाज सड़कों पर था तब वे बिल में क्यों छुपे बैठे रहे।श्री भुट्टो ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार चुनाव के पहले प्रोपेगेंडा सेट कर रहे हैं।