खेलो इंडिया फिट स्कूल वीक स्कूल की सभी स्कूलों ने नही की शुरू

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उच्च विद्यालय मशरक के छात्र छात्रा कर रहे ऑनलाइन अभ्यास

छपरा: सरकार की महत्वाकांक्षी योजना खेलो इंडिया फिट स्कूल वीक से दिसम्बर के आखिरी सप्ताह में भी नही जुड़ पाए कई स्कूल है।जबकि भारत सरकार द्वारा खेलेगा इंडिया खिलेगा इंडिया के नारे के तहत 1 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक फिट स्कूल वीक कार्यक्रम से सभी को जुड़ने का निर्देश दिया गया जिसके तहत बिहार शिक्षा परियोजना ने सभी विद्यालय को शत प्रतिशत जोड़ने का निर्देश दिया गया है किन्तु विभाग एव विद्यालयो की जारी उदासीनता सरकार द्वारा स्कूल खोलने के लिए जारी गाइड लाइन के बाद बढ़ गई है । गाइड लाइन एसओपी में फिट इंडिया फिट स्कूल या खेल गतिविधि को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश नही है । हालांकि फिट इंडिया कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी मशरक ने सभी प्राथमिक से उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया है। फिर भी स्कूलो में बच्चों के नही आने से कार्यक्रम मन्द पड़ा हुआ है।

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हालांकि मुख्यालय अवस्थित राजकीयकृत उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय मशरक सहित आधे दर्जन विद्यालय बच्चो को इस कार्यक्रम के लिए कक्षावार वाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन जोड़ प्रशिक्षण दे रहे है। जिनकी एक्टिविटी स्पोर्ट्स ऑथिरिटी ऑफ इंडिया के साइट के अलावे विभागीय लिंक पर एक्टिविटी ऑनलाइन किया जा रहा है। विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापक अरुण कुमार बर्नवाल ने बताया कि सभी वर्ग शिक्षक की देखरेख में ग्रुप बना छात्र छात्राओं को सम्बंधित कार्यक्रम प्रखण्ड मास्टर ट्रेनर सह विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक संजय कुमार सिंह द्वारा ऑनलाइन कराया जा रहा है।साथ अन्य के द्वारा दी जा रही है । 31 दिसम्बर तक चलने वाले स्कूल वीक कार्यक्रम में शामिल स्कूली बच्चों के पर्सनल डाटा में उनकी हॉबी, दो वैसे खेल का नाम जिसमे उनकी रुचि हो उसे डालना है।

स्कूल के द्वारा भेजे गए प्रगति रिपोर्ट के आधार पर स्कूली बच्चो को खेलो इंडिया द्वारा प्रगति रिपोर्ट एवं प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा। हालांकि 80 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में इस महत्वकांक्षी योजना को लेकर बरती जा रही शिथिलता का सीधा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र के छात्र छात्राओं पर पड़ रहा है और वे फिट वीक कार्यक्रम से वंचित हो रहे है। महज 4 दिन शेष है बावजूद इसको क्रियान्वित करने के लिए विभागीय स्तर पर इसके लिए कोई किसी तरह का प्रशिक्षण भी आयोजित नही किया जा सका और ना ही विद्यालय प्रधान द्वारा इसमें रुचि दिखाई जा रही है।