बिहार ही नहीं अमेरिका में भी धूमधाम से मनाई जा रही है छठ, भारतीय परंपरा अनुसार नियमों का होता है पालन

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पटना: भारत की सीमा में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी छठ महापर्व के गीत गूंज रहे हैं। कोरोना के बाद इस साल काफी धूमधाम से लोग छठ मना रहे हैं। कई लोग घर में भी छठ मना रहे हैं तो कई लोगों ने पार्क आदि की भी बुकिंग करा ली है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलीना में मंगलवार रात (भारत के समयनुसार) वहां सिर्फ कद्दू-भात ही हुआ था और खरना एवं अर्घ्य की तैयारी चल रही थी। वहां पूरी तरह भारतीय परंपरा के अनुसार श्रद्धा और सफाई से यह पर्व मनाया जा रहा है।

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बिहार-झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (बजाना) के द्वारा न्यू जर्सी के मोनरो, थॉमसन पार्क को पहले से ही बुक कर लिया गया है और वहां पर छठ पूजा के लिए खास इंतजाम किये गये हैं। बजाना के अध्यक्ष डॉ. अविनाश गुप्ता ने कहा कि 45 साल पुराने यह एसोसिएशन पिछले कुछ साल से छठ पर खास आयोजन कर रहा है। 2019 में तो इस झील में 30 व्रतियों ने पूजा की थी।

2020 में कोविड-19 के कारण पार्क में यह संख्या थोड़ी जरूर घट गई थी, लेकिन इस वर्ष पहले की तरह 25-30 व्रती पार्क में ही पहुंचेंगी। यहां अर्घ्य देने के लिए करीब 600 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। वहां मानक के अनुसार घाट पर छठ के गीत भी बजेंगे। वहां पहले अर्घ्य के दिन पहुंचने वाले लोगों के लिए नाश्ते में खिचड़ी, समोसा और चाय की व्यवस्था की गई है तो सुबह के अर्घ्य के बाद ठेकुआ, पूरी-सब्जी और बुंदिया की भी पार्टी होगी।

सदस्यों ने मिलकर बनाया ठेकुआ

इस पूजा के लिए बजाना के सदस्य मिलकर एक साथ ठेकुआ बना रहे हैं। पूजा के बाद एक पैकेट में सबको प्रसाद दिया जाएगा। ये ठेकुआ कुछ व्रतियों के घर के ही बैकयार्ड में बनाया जा रहा है।

अन्य देशों में मन रही छठ

सिर्फ अमेरिका ही नहीं, मस्कट में रहने वाली भागलपुर की प्राची ने कहा कि उनके पड़ोस में एक दो लोग छठ कर रही हैं। जहां अर्घ्य देने वह जाएंगी। ऑस्ट्रेलिया से रुचि ने कहा कि कोरोना के कारण दुर्गापूजा के दौरान तो काफी पाबंदियां थीं, लेकिन छठ कोई कर रहा होगा तो घर में ही। अभी तक नहीं पता लग सका है, लेकिन आसपास कोई करेगा तो जरूर जाऊंगी।

आसानी से मिल जाते हैं सूप-दऊरा

अमेरिका में रहने वाले अनुराग ने बताया कि भारतीय इलाकों वाले बाजारों में छठ को लेकर खासी तैयारी होती है। वहां सूप-दऊरा, कई तरह के फल आदि आसानी से मिल जाते हैं।