सिवान में टेंपो चालकों का रहा एक दिवसीय हड़ताल, परेशान रहे राहगीर

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परवेज़ अख्तर/सिवान:- शहर में जगह-जगह अवैध वसूली, सहित स्टैंड संचालकों की मनमानी के विरुद्ध टेंपो चालक कामगार यूनियन के आह्वान पर गुरुवार को बुलाई गई हड़ताल के कारण शहर के सभी आॅटो चालक हड़ताल पर रहे। पूरे दिन बुलाई गई इस हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशान मुसाफिर रहे। जिन्हें चिलचिलाती धूप में मजबूर होकर पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। इस कारण अन्य दिनों की अपेक्षा शहर की सड़कों पर सुनसान का नजारा रहा। मुख्य सड़क दिन में भी खाली रही। यहां सिर्फ राहगीर, बाइक चालक और रिक्शा वाले ही दिखाई पड़ रहे थे। बंद के कारण सबसे ज्यादा फायदा रिक्शा चालकों को हुआ। इस दौरान रिक्शा चालकों की चांदी रही। जंक्शन के मुख्य द्वार पर सुबह से ही रिक्शा चालक अपने अपने रिक्शा को लेकर यात्रियों को बैठा कर ले जा रहे थे। हालांकि इस दौरान रिक्शा चालकों की मनमानी भी देखने को मिली। इधर देर शाम आॅटो चालकों की एक बैठक भी आयोजित की गई थी। जिसमें अवैध वसूली के खिलाफ आगे की रणनीति बनाई गई।

पैदल ही निकल पड़े सड़कों पर

जंक्शन पर विभिन्न जगहों से पहुंचे यात्रियों को गुरुवार को पैदल ही यात्रा करते नजर आए। जंक्शन पर दूर दराज से आने के बाद जब घंटों आॅटो के इंतजार करने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली तो यात्रियों ने इसके बारे में पूछताछ की। पूछताछ के बाद पता चला कि टेंपो चालकों की हड़ताल है। इसके बाद यात्री मजबूर होकर रिक्शा चालकों के पास गए तो चालकों ने तीन गुना से ज्यादा भाड़ा की मांग शुरू कर दी। इसके बाद मजबूर होकर जो सक्षम थे वे उनकी सवारी के साथ गए और जो असक्ष्म थे वे पैदल ही यात्रा करने को मजबूर हो गए।

प्राइवेट गाड़ियों के संचालकों की चली मनमानी
यात्रियों के जेब पर गुरुवार को प्राइवेट गाड़ी के संचालकों की मनमानी चली। जंक्शन पर आए यात्रियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाने के लिए आॅटो नहीं मिल रहे थे। इसके बाद जब वे चार चक्का वाहनों के संचालकों के पास पहुंचे तो उन्हें चालकों ने मनमाना भाड़ा मांगा। इस कारण लोगों की मजबूरी का फायदा निजी गाड़ी के चालकों ने उठाया।

शहर की सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
अमूमन गुरुवार को शहर की सड़कों पर भीड़ भाड़ रहती है, लेकिन गुरुवार को टेंपो चालकों की हड़ताल के कारण सड़कें सुनसान रहीं और यहां जाम का नजारा भी आम ही रहा। इस कारण शहरवासियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।