सड़क दुर्घटना में एक की मौत दूसरा घायल

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परवेज अख्तर/सीवान : जिले के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के सुघरी गांव के समीप एसएच 73 पर शुक्रवार की देर शाम सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई, जबकि बाइक पर सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया। जहां वह जीवन एवं मौत से जूझ रहा है। बाइक सवार युवकों के साथ एक दो वर्ष का बालक भी बैठा था, जो पूरी तरह से सुरक्षित रहा। मृतक की पहचान सुघरी गांव निवासी उपेंद्र साह के रूप में हुई। जबकि सरोज जिंदगी और मौत से पटना में जूझ रहा है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पुलिस ने उपेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करा शनिवार को सौंप दिया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि शुक्रवार की देर शाम एक बाइक पर दो युवक और एक दो वर्ष बालक सवार होकर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। व्यास साह का पुत्र उपेंद्र साह (20) बाइक चला रहा था। उसके साथ बाइक पर गांव के ही शंकर साह का पुत्र सरोज साह (25) अपने दो वर्षीय पुत्र के साथ नथु मोड़ से बाजार कर घर लौट रहा था। तभी किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों ने पहले इलाज के लिए बसंतपुर पीएचसी में पहुंचा जहां से चिकित्सकों ने सभी की हालत गंभीर देख उन्हें सदर अस्पताल में रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में उपेंद्र ने दम तोड़ दिया। जबकि अजय को गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया गया। इधर स्थानीय मुखिया कलावती देवी के पति राज किशोर प्रसाद, पैक्स अध्यक्ष पप्पू सिंह सहित अन्य ग्रामीण शोकाकुल परिवार से मिल सांत्वना दिया।ghar

जाको राखे साइयां मार सके न कोय

जाको रखे साइयां मार सके न कोय, बाल बांका न कर सके जो जग बैरी होय। यह कहावत शुक्रवार की देर शाम हुई सड़क हादसे में पूरी तरह से सकुशल बच निकला। शुक्रवार को अपने पिता की गोद में बैठ पड़ोस के अंकल के साथ गोधली के समय शुभम नथु मोड़ बाजार गया था,जहां से लौटने के क्रम में सुघरी गांव के पास ही एसएच 73 पर बाइक दुर्घटना का शिकार हो गया जिसमें बाइक चालक उपेंद्र साह एवं उसके पिता सरोज साह गंभीर रूप से घायल हो गए और बालक शुभम पूरी तरह से कुशल बच गया। ग्रामीण वीरेंद्र साह ने बताया कि यह प्रभु की लीला है। बाइक चालक उपेंद्र घटना में जान गवां बैठा, वहीं सरोज पटना में जीवन और मौत से जूझ रहा है, जबकि बालक शुभम को कहीं खरोच तक नहीं आई। शुभम को उसके नौनिहाल वाले लेकर अपने घर चले गए हैं क्योंकि इसके पिता पटना में इलाजरत हैं, जिससे पूरा परिवार पटना में है।