नाबालिग के अपहरण मामले में एक को तीन वर्ष की सजा

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आरोपी को कोर्ट ने दिया जमानत

परवेज अख्तर/सीवान:- फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 सरोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने और फिरौती मांगने के मामले में उपेंद्र को दोषी पाते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाया है. वहीं इस मामले में आरोपी के जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए जमानत दे दिया. बताते चलें कि सीवान मुफस्सिल थाना के विदुती हाता निवासी टुनटुन राम ने अपने बयान में कहा था कि 27 सितंबर 2009 को मैं मैरवा गया था. जब घर पहुंचा तो पता चला कि मुफस्सिल थाना के भादा खुर्द निवासी उपेंद्र मेरी नाबालिग पुत्री को यह कहकर ले गया कि टेलर के यहां से कपड़ा लाना है. जो पहले से सिलवाने के लिए दिया गया था. आरोपी ड्राइवर उपेंद्र एक माह पूर्व से एक स्कूल में पढ़ने के लिए गाड़ी से ले जाता था. मैं अपनी पुत्री की खोजबीन किया. लेकिन जानकारी नहीं मिली. दूसरे दिन उपेंद्र फोन करके बताया कि एकमा स्टेशन आकर अपनी लड़की को ले जाइए. वहां जाने पर कोई नहीं था. उसके घर उसके पिता रामानंद से मिलकर घटना की जानकारी दिया. इसके बाद घटना की प्राथमिकी सीवान मुफस्सिल थाना में दर्ज कराया था. पुलिस दबाव के बाद आरोपी ने पीड़िता को एकमा स्टेशन पर छोड़ दिया. पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयान के दौरान कही थी कि आरोपी मुझे बंबई ले गया था, जहां मेरे साथ दुष्कर्म किया था. कोर्ट ने दोनों को घटना का दोषी पाया था. मामले में अभियोजन की तरफ से एपीपी रघुवर सिंह बचाव पक्ष से शिवनाथ सिंह ने बहस किया. बहस सुनने के बाद कोर्ट ने भादवि की धारा-363, 366 ए में तीन -तीन वर्ष की सजा सुनाया है.

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