आर्केस्ट्रा संचालक दंपति को उम्रकैद

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परवेज अख्तर/सिवान :- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार शुक्ला की अदालत ने हत्याकांड से जुड़े मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को दोषी अभियुक्त पति-पत्नी निजामुद्दीन अहमद तथा रुखसाना खातून को आजीवन कारावास दी है। अभियुक्त निजामुद्दीन अहमद एवं रुखसाना खातून दोनों पति-पत्नी हैं तथा आंदर के फरीदपुर गांव में खुशबू आर्केस्ट्रा ग्रुप के संचालक भी हैं। अभियोजन की ओर से अदालत में बहस करने वाले अपर लोक अभियोजक रवींद्र नाथ शर्मा से मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने अभियुक्त निजामुद्दीन एवं उसकी पत्नी रुकसाना खातून को भादवि की धारा 302 के अंतर्गत उम्र कैद की सजा तथा भादवि की धारा 241 के अंतर्गत तीन साल सश्रम कारावास की सजा दी है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर उपरोक्त दोनों धाराओं के अंतर्गत 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में अभियुक्तों को 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। उपरोक्त दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आंदर थाना के महमूदपुर गांव निवासी विमलेश उपाध्याय का पुत्र विकास उपाध्याय का अंश मोबाइल के नाम से आंदर बाजार में मोबाइल की दुकान थी। आंदर थाना के समीप फरीदपुर गांव के निवासी निजामुद्दीन एवं रुखसाना खातून खुशबू आर्केस्ट्रा ग्रुप का नाम से आर्केस्ट्रा चलाते थे। रुकसाना खातून के साथ विकास कुमार का नाजायज संबंध था। इसको लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी भी हुई थी। 13 अप्रैल 2015 को किसी के बुलाए जाने पर विकास कुमार अपने घर से निकला, किंतु वापस नहीं लौटा। दूसरे दिन 14 अप्रैल 15 को उसका क्षत-विक्षत शव दाहा नदी के झुरमुट में पाया गया। विमलेश उपाध्याय के बयान पर खुशबू आर्केस्ट्रा संचालक के पति-पत्नी निजामुद्दीन एवं रुखसाना खातून के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत में सूचक की ओर से अधिवक्ता घनश्याम नाथ तिवारी तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्र ने बहस किया।

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