पंचायत चुनाव: भैंसा पर सवार होकर पहुंचे थे नामांकन देने, फंस गये कानून के पचड़े में

0

पटना: पंचायत चुनाव में भाग्य आजमा रहे प्रत्याशी नामांकन के दिन से ही कुछ ऐसा करना चाहते हैं ताकि वह अपने चुनाव क्षेत्र में लोगों की नजरों में बने रहें। इसके लिए प्रत्याशी नामांकन को खास बनाने की तैयारी में जुटे रहते हैं। लेकिन मधेपुरा में नामांकन को खास बनाना एक मुखिया प्रत्याशी को बहुत महंगा पड़ा। चुनाव में जीत होगी या हार यह तो तय नहीं है लेकिन नेताजी कानूनी पचड़े में बुरी तरीके से फंस गए हैं। उन पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज हो गई है। ये मुखिया प्रत्याशी हैं कुमारखंड प्रखंड के इसराइन बेला पंचायत से भाग्य आजमा रहे अशोक कुमार मेहता।

विज्ञापन
WhatsApp Image 2023-01-25 at 10.13.33 PM
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

यह है मामला

मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में पंचायत चुनाव के छठे चरण में मतदान होने वाले हैं। इसके इसके लिए 6 अक्टूबर को मुखिया प्रत्याशी अशोक कुमार मेहता जब नामांकन देने पहुंचे तो आकर्षण का केंद्र बन गए। भावी मुखिया जी भैंसा पर सवार होकर नामांकन देने आए थे। सजाए हुए भैंसे पर फूल माला से लदे नेता जी को देखने के लिए भीड़ जुट गई। वहीं उनके समर्थक उत्साहित होकर जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इससे नामांकन केंद्र का माहौल अस्त व्यस्त हो गया। लेकिन नामांकन के दौरान यह नाटक करना नेताजी को महंगा पड़ा। नेता जी ने एक तरफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया तो दूसरी तरफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धज्जियां उड़ा दी। इस वजह से कुमारखंड के बीडियो के बयान पर अशोक कुमार मेहता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
करा दी गई है।

कहते हैं अधिकारी

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के अनुसार किसी भी जानवर को कष्ट या नुकसान पहुंचाना अपराध है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर मुखिया प्रत्याशी अशोक कुमार मेहता के खिलाफ करवाई की जा रही है। एसडीओ नीरज कुमार ने कहा कि सुसंगत धाराओं में अशोक कुमार मेहता के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस छानबीन कर रही है।