लॉकडाउन में फंसे लोग लौट सकेंगे अपने घर, गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स

0
lockdown

देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों एवं विद्यार्थियों को आवाजाही की अनुमति

राज्यों को नामित करने होंगे नोडल अथॉरिटीज

जांच के बाद ही घर लौटने की मिलेगी मंजूरी

छपरा: कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग जगहों पर राज्य के प्रवासी मजदूर, पर्यटक एवं विद्यार्थी फंसे हुए हैं. लेकिन अब वे अपने-अपने घर सुरक्षित पहुँच सकेंगे. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने फंसे हुए लोगों को आवाजाही की अनुमति दे दी है. इसको लेकर गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी कर विस्तार से जानकारी भी दी है. जारी दिशानिर्देश के अनुसार फंसे लोगों को उन्हें अपने राज्य भेजने एवं दूसरी जगहों में फंसे हुए अपने नागरिकों को बुलाने के लिए राज्यों को स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल तैयार करने होंगे. साथ ही सभी राज्यों को इसके लिए नोडल अथॉरिटीज भी नामित करने होंगे.

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal

इन नियमों का अनुपालन करना होगा अनिवार्य

• सभी राज्यों को नोडल अथॉरिटीज नामित करने होंगे. ये अथॉरिटीज अपने-अपने यहाँ फंसे लोगों का पंजीकरण करेंगी
• जिन राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही होगी, वहाँ की नामित अथॉरिटीज को एक दूसरे से संपर्क स्थापित करना होगा
• फंसे हुए लोगों में जो भी अपने घर जाना चाहेंगे, उनकी पहले स्क्रीनिंग की जाएगी. यदि किसी भी व्यक्ति में कोरोना के संभावित लक्षण दिखे, तो उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
• फंसे हुए लोगों को घर पहुँचाने के लिए बसों का प्रयोग किया जाएगा. साथ ही बसों को सैनिटाइज भी किया जाएगा एवं सामाजिक दूरियों के तहत बसों में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी
• दूसरे राज्य की सीमा में पहुँचने पर बसों को आगे जाने से रोका नहीं जाएगा
• गंतव्य पर पहुँचने के बाद लोगों की लोकल हेल्थ अथॉरिटीज द्वारा जांच की जाएगी. जांच करने के बाद लोगों को होम क्वारंटाइन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन भी किया जा सकता है. समय-समय पर लौटे हुए लोगों की हेल्थ चेकअप भी होगी.
• वापस लौटे लोगों को भारत सरकार द्वारा निर्मित आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करना होगा ताकि उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके.