स्वास्थ्य सेवाओं व आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य उपकेंद्रों का होगा भौतिक सत्यापन

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  • राज्य स्वास्थ्य समिति कार्यपालक निदेशक ने पत्र के माध्यम से सिविल सर्जन को दिये निर्देश
  • भौतिक सत्यापन कार्य में केयर इंडिया की मिलेगी मदद, बीएचएम व एमओआइसी होंगे शामिल

छपरा: स्वास्थ्य विभाग जिला में ग्रामीण स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाने और आधारभूत संरचनाओं को और अधिक मजबूत बनाने की संभावनाओं की दिशा में काम करेगा. इसके लिए सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को बेहतर बनाने के लिए भौतिक सत्यापन का कार्य किया जायेगा. इन स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का भौतिक सत्यापन कर इसकी सूचना राज्य स्वास्थ्य समिति को दी जायेगी. इस दिशा में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सिविल सर्जन व जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिये हैं. निर्देश में कहा गया है कि राज्य में अवस्थित सभी अतिरिक्ति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवनों का भौतिक सत्यापन किया जाये. राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए राज्य में अवस्थित सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र जिनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी शामिल हैं, के भवनों एवं भूमि का भौतिक सत्यापन करवाने का उच्चस्तरीय निर्णय लिया गया है। ताकि इन भवनों के रखरखाव एवं मरम्मत कार्य में होने वाले व्यय की गणना की जा सके.

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सत्यापन के लिए ओडीके एप का होगा इस्तेमाल

पत्र में कहा गया है कि इन भौतिक सत्यापन कार्य के लिए स्टेट रिसोर्स यूनिट द्वारा विकसित किये गये ओडीके एप की मदद ली जायेगी. इसके लिए एसआरयू द्वारा अपने संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. भौतिक सत्यापन के दौरान संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों का फोटोग्राफ प्राप्त कर इसे ओडीके एप्प पर अपलोड किया जाना है.

केयर इंडिया पदाधिकारी सहित बीएचएम होंगे शामिल

भौतिक सत्यापन कार्य प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक तथा केयर इंडिया के प्रतिनिधि के द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा. पत्र में कहा गया है कि भौतिक सत्यापन कार्य 5 नंवबर 2020 तक अनिवार्य रूप से करवाते हुए ओडीके एप पर अपलोड कर इसकी सूचना राज्य स्वास्थ्य समिति को देनी है.