पेगासस जासूसी पर बिहार में सियासत तेज: नीतीश के बाद मांझी ने की जांच की मांग, उपेन्‍द्र कुशवाहा बोले-देश जानना चाहता है सच्‍चाई

0

पटना: पेगासस जासूसी मामले को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है। कल मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच की मांग की थी। मंगलवार को दिल्‍ली पहुंचे हिन्‍दुस्‍तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी कहा है कि पेगासस मामले की जांच की जानी चाहिए। उधर, जेडीयू संसदीय दल के अध्‍यक्ष उपेन्‍द्र कुशवाहा ने भी कहा है कि देश सच्‍चाई जानना चाहता है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

जीतनराम मांझी ने सीएम नीतीश और हरियाणा के दिग्‍गज नेता ओमप्रकाश चौटाला के बीच हुई मुलाकात और विकल्‍प पर कहा कि देश में मौजूद स्थितियों से उबरने की बात हो तो उसमें कोई हर्ज नहीं है। उन्‍होंने कहा कि अभी नरेंद्र मोदी काफी अच्छा काम कर रहे हैं। विदेश नीति हो या आंतरिक सुरक्षा, पीएम मोदी हर मोर्चे पर बेहतर हैं। मांझी ने कहा कि यदि देश में कभी विकल्‍प की कभी बात हो तो नीतीश कुमार से बेहतर कोई नहीं हो सकता है।

पीएम मोदी के बाद सबसे फिटेस्‍ट कैंडिडेट हैं सीएम नीतीश

जीतनराम मांझी ने कहा कि अभी पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा इस पद के लिए है कोई सबसे फिटेस्ट आदमी है तो वो नीतीश कुमार हैं। ‘बिहार में गठबंधन सरकार चलाना काफी चुनौतीपूर्ण है’, मंत्री सम्राट चौधरी के इस बयान पर मांझी ने कहा कि ये उनकी निजी राय है। उन्‍होंने कहा कि कोई दिक्कत होगी तो दूर कर लिया जाएगा। कुछ दिन पहले वीआईपी के नेता को दिक्कत हो रही थी। अब सब ठीक है। उन्‍होंने कहा कि फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। एनडीए में मेरी कोई रार नहीं है।

जातिगत जनगणना को बताया जरूरी

मांझी ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी सीएम नीतीश कुमार का समर्थन किया। उन्‍होंने कहा कि जातीय जनगणना जरूरी है साथ ही जनसंख्या के हिसाब से सभी को हिस्सेदारी मिले।

उपेन्‍द्र कुशवाहा बोले-देश जानना चाहता है सच्‍चाई

जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि फोन टैपिंग मामले की सच्चाई देश जानना चाहता है। इसकी जांच कराकर सच्चाई जनता को बताना चाहिए। कुशवाहा मंगलवार को परिसदन में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि जातीय जनगणना की मांग वर्षों पुरानी है। 1931 की जनगणना के अधार पर सरकार की योजना बने, यह त्रुटिपूर्ण होगा। 2021 में अगर नहीं हुआ तो फिर 2031 में जनगणना का इंतजार करना होगा।