जमीन की सियासत: राजद कार्यालय के लिए और जमीन मांगने पर जब तमतमाए सीएम तो तेजस्वी यादव ने कैसे किया पलटवार

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पटना: राजनैतिक दलों के पार्टी कार्यालय के लिए जमीन आवंटन का मामला सियासी घमासान में बदलता जा रहा है। इस मसले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने सामने दिख रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल को और अधिक जमीन आवंटन के सवाल पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक जवाब देते हुए कहा था कि जमीन आसमान से लाएं क्या? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस वक्तव्य पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तंज कसा है कि सच्चाई का सवाल पूछने पर मुख्यमंत्री को आदतन गुस्सा आ गया।

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तेजस्वी यादव ने जदयू विधायकों पर जमीन कब्जा कर लेने का लगाया आरोप

बीएनआर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था था कि जो लोग जमीन आवंटन पर सवाल उठा रहे हैं उन लोगों ने कभी मान्यता प्राप्त पार्टियों को जगह नहीं दी। हम लोगों की सरकार ने ही मान्यता प्राप्त दलों को जमीन देने का काम किया। जो जमीन पसंद किया गया वही मिला हुआ है। अब आसमान से जमीन लाया जाए क्या? सीएम का यह बयान मीडिया में आने के बाद तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश कुमार को जवाब दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने अपने ट्वीट में लिखा है कि जदयू के 41 एमएलए है और 66000 वर्ग फीट जमीन मिली है। बीजेपी के 74 एमएलए हैं और 52000 वर्ग फीट जमीन दी गई है। राजद के 75 एमएलए हैं लेकिन पार्टी को 19842 वर्ग फीट जमीन मिली है। राज्य के सबसे बड़ी पार्टी राजद के कार्यालय के लिए सबसे कम जमीन आवंटन की सच्चाई पर सवाल पूछ लिया तो मुख्यमंत्री को आदतन गुस्सा आ गया। तेजस्वी यादव ने यहां तक आरोप लगाया है कि जदयू के विधायकों ने तोड़कर जमीन कब्जा किया है।

पार्टी कार्यालय के उत्तर तरफ स्थित जमीन राजद को दे दिया जाए, प्रदेश अध्यक्ष

हाल ही में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर और जमीन की मांग की थी। पार्टी अध्यक्ष ने तर्क दिया था के वर्तमान आवंटन उचित नहीं है। कम जमीन होने की वजह से पार्टी को आवश्यक कार्यों में दिक्कत हो रही है। जगदानंद सिंह ने कहा था कि राजद के कार्यालय के उत्तरी दीवार से सटी जमीन खाली है। उसे पार्टी को आवंटित कर दिया जाए। इसी पत्र के बाद जमीन का यह सियासी विवाद सामने आया है।