पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए आईईसी के माध्यम से करें प्रचार प्रसार: डीआईओ

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  • डीआईओ ने पत्र के माध्यम से सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया निर्देश
  • 29 नवंबर से चलेगा पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान
  • जिला पदाधिकारी के निर्देश पर डीआईओ ने दिया निर्देश

सिवान: जिले में 29 नवंबर से पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। अभियान को सफल बनाने के लिए समुदाय को अधिक से अधिक जागरूक करना आवश्यक है। इसको लेकर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार पांडेय ने पत्र जारी कर सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि आईईसी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया जा सके। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार पांडे ने कहा कि पोलियो अभियान के प्रचार-प्रसार एवं आईसी के प्रदर्शन के विषय में डीएम के द्वारा विशेष रुप से ध्यान देने के लिए निर्देश दिया गया था, जिसके आलोक में यह निर्देश जारी किया गया है कि अभियान शुरू होने के पहले सही प्रकार से चौक चौराहे पर बैनर पोस्टर लगाया जाए और इसका फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करें।

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निकाली जाएगी प्रभात फेरी

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि अभियान के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए यूनिसेफ के बीएमसी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के सहयोग से स्कूलों में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसके अलावा मस्जिद से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जाएगा। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जागरूकता रैली निकलवाना सुनिश्चित करेंगे।

रेलवे स्टेशन व बस अडडों पर रहेगी विशेष व्यवस्था

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत एक भी बच्चा नही छूटे इसके लिए विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही है। दरअसल, एक भी बच्चा छूटने पर वायरस फैलने का प्रबल संभावना रहता है। इसको लेकर जिले के चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर दवा पिलाने के लिए कर्मियों की तैनाती किए गए हैं। जो बाहर से आने-जाने वाले यानि सफर कर बच्चे को दवा पिलाऐंगे। ताकि सफर पर निकले बच्चे वंचित नही रहे। साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों के अंगुली में निशान भी लगाया जाएगा। ताकि किसी भी बच्चे को भूलवश जाने-अनजाने में दोबारा दवाई नही पिलाई जा सकें।

कोविड-19 प्रोटोकॉल का होगा पालन

डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ शैली गोखले ने बताया कि बच्चों को दवाई पिलाने के दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन का ख्याल रखा जाएगा। बचाव से संबंधित उपायों का पालन करते हुए कर्मी दवा पिलाऐंगे और खुद के साथ-साथ दूसरों का भी कोविड-19 से सुरक्षा का ख्याल रखेंगे। इसको लेकर विभागीय पदाधिकारियों द्वारा सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।