रघुनाथपुर: परंपरागत साथ नकदी फसल लगाने पर ध्यान दें किसान

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  • करसर-फुलवरिया के किसान चौपाल में बोले अधिकारी
  • जिरो-टिलेज से गेहूं की बुआई से उत्पादन होगा अधिक

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के करसर और फुलवरिया गांव में बुधवार को किसान चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को कृषि संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी गई। प्रखंड के उद्यान पदाधिकारी दुष्यंत कुमार सिंह ने किसानों को बागवानी मिशन योजना के बारे में बताते हुए कहा कि अब परंपरागत खेती के अलावा नगदी फसल की तरफ भी रुख करना होगा। आपका अनाज उत्पादन के एकतरफा रुझान भविष्य की योजनाओं के लिए सही कदम नहीं हो सकता। हमे अब नगदी फसल मसाला, फूल और फल आदि की खेती भी करनी होगी। जैविक तरीके से फल, फूल व सब्जी की खेती पर जोर देते हुए किसानों को इसे अपनाने का आग्रह किया। किसानों से खेतों में जैविक खाद का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे इंसानी जिंदगी स्वस्थ और मजबूत रहेगी। वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी खत्म नहीं होगी। चौपाल में उपस्थित महिला किसानों को मशरूम की खेती करने और इसे लघु एवं कुटीर उद्योग से जोड़ते हुए समूह का गठन करने पर जोर दिया। किसान सलाहकार नवीन पांडेय ने कहा जीरो-टिलेज मशीन से गेहूं की बुवाई करने पर आर्थिक बचत तो होता ही है, पैदावार भी दो से तीन गुना अधिक होता है। केला की खेती पर जोर देते हुए अधिकारियों ने कहा कि यहां इसका अच्छा उत्पादन होगा। उन्नत किस्म की जी-9 केला का पौधा उद्यान विभाग उपलब्ध करा देगा।

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किसानों ने जलजमाव की समस्याओं से अवगत कराया

चौपाल में किसानों ने निचले इलाके के खेतों में जलजमाव की समस्याओं से उत्पन्न हुई स्थितियों को अधिकारियों को बताया। किसानों ने कहा अगर समय से पहले चंवर और निचले इलाके के खेतों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो गेहूं की बुआई पिछड़ सकती है। धान खेत पककर तैयार हो गए हैं। जलजमाव के कारण कटनी नहीं हो पा रही है। पककर तैयार हुई धान की बालियों से दाने टूटकर झड़ रहे हैं। किसान पृथ्वी नाथ पांडेय ने कहा कि जलजमाव की समस्या का निदान करने की दिशा में विभाग को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। चौपाल में किसान सलाहकार अमरेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश चौरसिया, किसान ओम प्रकाश पांडेय, विजय कुमार, संजीत कुमार, अजय कुमार, पुष्पा देवी, नीलम देवी, मुकेश, चंद्रदेव साह, संपत सिंह, गणपत सिंह, राज कुमार सिंह व रामबालक साह ने अपनी बातें रखीं।