सिवान में 34 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति के साथ गुलजार हुए विद्यालय

0

परवेज अख्तर/सिवान : वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण करीब 12 माह से बंद विद्यालयों में सोमवार से पूरी तरह से शिक्षण कार्य प्रारंभ हो गया। इस दौरान सभी निजी व सरकारी विद्यालयों में पहली से पांचवीं कक्षा तक की भी पढ़ाई शुरू हो गई। स्कूलों में पूरी तरह से शिक्षण कार्य शुरू होने व बच्चों से स्कूल गुलजार हो गए थे। स्कूल खुलने को लेकर बच्चों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। पहले दिन तय मानकों के अनुसार अतिरिक्त बच्चे स्कूल में पहुंच गए थे जिन्हें कोविड 19 के गाइडलाइन के तहत घर लौटा दिया गया। जानकारी के अनुसार पहले दिन 34 प्रतिशत उपस्थिति के साथ स्कूलों में संचालन हुआ। बता दें कि जिले में 3 लाख 82 हजार 944 बच्चे प्राथमिक विद्यालय में नामांकित हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal

नामांकन के विरुद्ध 1 लाख 32 हजार 131 बच्चें पहुंचे पहले दिन स्कूल में पढ़ने पहुंचे थे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अधिकांश विद्यालयों में बच्चे बिना मास्क पहने ही पढ़ने पहुंचे थे। वहीं अधिकांश निजी समेत सरकारी विद्यालयों में कोरोना गाइडलाइन का पालन होते दिखा। पहले दिन कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति कम देखने को मिली। बता दें कि बता दें कि साल के प्रथम सप्ताह में सबसे पहले चार जनवरी से कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए स्कूलों को खोला गया था। इसके साथ ही कॉलेजों के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद आठ फरवरी से छठवीं कक्षा से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू हुई थी। गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 2020 में 14 मार्च को पहली बार लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए 22 मार्च तक स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इसके बाद दिनों दिन सक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए 31 मार्च तक के लिए स्कूलों को बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों सहित सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद कर दिया गया था।

विद्यालयों में बच्चों को कोविड गाइडलाइन का पालन करने की दी गई सीख

मैरवा प्रखंड में संचालित सभी विद्यालयों में कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चे पहुंचे। बच्चों की किलकारी से विद्यालयों में पसरा सन्नाटा छट गया। लंच के समय बच्चे खेलकूद में मस्त दिखे। वहीं कक्षाओं में शिक्षकों की आवाज गूंजी। बहुत लंबे समय के बाद बच्चे एक-दूसरे से जमकर बात करने में मशगूल दिखे। वही कक्षा में शिक्षकों ने विषय वस्तु पर चर्चा करते हुए बच्चों का उत्साह बढ़ाया। उन्हें कोरोना से बचने के तरीके बताए गए। मास्क दिए गए और इसका उपयोग करने को कहा गया। बार-बार हाथ धोना जरूरी बताया गया। वहीं महाराजगंज प्रखंड से लेकर नगर पंचायत क्षेत्र के मध्य एवं प्राथमिक विद्यालयों में उत्साह के साथ पहुंचे। वहीं पहला दिन होने के कारण बीईओ रीता कुमारी ने कई विद्यालयों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बसंतपुर प्रखंड के स्कूलों में भी रौनक देखने को मिली। विद्यालयों में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया गया। बच्चों को शारीरिक दूरी का अनुपालन कराते हुए बैठाया गया था। रघुनाथपुर प्रखंड के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों का थर्मल स्क्रिनिंग करने के बाद वर्ग कक्ष में प्रवेश कराया गया।