सिपाही स्नेहा मौत मामला, यूडी केस प्राथमिकी में बदला, पांच आरोपित

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परवेज़ अख्तर/सीवान:- शहर के पुलिस केंद्र में महिला सिपाही स्नेहा की मौत के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया है. सीआइडी के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश राम ने इस मामले में मुफस्सिल थाने में कांड संख्या 263/19 दर्ज कराया है. उन्होंने चार मोबाइल धारकों समेत पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. उनके अनुसार इनमें से एक मोबाइल धारक मुंगेर का एक सत्ताधारी दल का नेता है, तो दूसरा सिपाही है. मुफस्सिल थाने में दिये अपने पत्र सीआइडी के एडीजी ने कहा है कि स्नेहा की मौत के मामले में दर्ज यूडी कांड संख्या 4/19 की जांच सीआइडी के डीएसपी रंजीत राम के नेतृत्व में गठित एक विशेष अनुसंधान दल कर रहा है. इस दल के एक नामित सदस्य इंस्पेक्टर ओम प्रकाश राम ने एक प्रतिवेदन समर्पित किया है.उन्होंने पत्र में लिखा है कि स्नेहा के मोबाइल फोन का सीडीआर विश्लेषण, सिपाही सुमन कुमार से की गयी पूछताछ, महिला सिपाही खुशबू द्वारा दिये गये बयान व कांड से संबंधित अभिलेखों से यह तथ्य निकलता है कि मोबाइल नंबर 7979786194, 8825349729, 7004009265, 6204748714 और 9852956549 के उपयोगकर्ता और सिपाही सुमन कुमार की संदिग्ध गतिविधियां स्नेहा को आत्महत्या के लिए उकसाने का एक कारण हो सकती हैं. उन्होंने पांचों मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं अौर सिपाही सुमन कुमार की गतिविधियों को संदिग्ध करार करते हुए भादवि की धारा 306 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करायी. उन्होंने यूडी कांड संख्या 4/19 के वर्तमान जांचकर्ता डीएसपी रंजीत राम को कांड के अनुसंधान की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया है. इधर, कांड का प्रभार मिलते ही डीएसपी रंजीत कुमार राम सीवान पहुंचकर जांच में जुट गये. वे दो दिनों से सीवान में हैं. रविवार को उन्होंने स्नेहा के कमरों और आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेते हुए जांच की. इस संबंध में उन्होंने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की.

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सीआईडी ने माना, प्रताड़ना बनी मौत का कारण

सीआईडी के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश राम ने अपर पुलिस महानिदेशक को दिये अपने अनुसंधान रिपोर्ट में यह माना है कि स्नेहा कुमारी का प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से मानसिक से प्रताड़ित होना ही मौत का कारण बना. हालांकि मृत्यु फांसी लगने के कारण दम घुटने से हुई है. स्नेहा कुमारी द्वारा उपयोग किये जाने वाले दोनों मोबाइल नंबरों के सीडीआर के विश्लेषण के पश्चात सीआइडी ने पाया है कि मोबाइल नंबर 7979786194 से स्नेहा कुमारी के द्वारा उपयोग किये जाने वाले मोबाइल नंबर 8709905064 के बीच कुछ माह के अंदर करीब 4241 बार बातचीत हुई है. स्नेहा कुमारी के द्वारा उपयोग किये गये इस मोबाइल और 8825349729 के बीच 169 बार, मोबाइल नंबर 7004009265 के बीच 178 बार एवं मोबाइल नंबर 6204748714 के बीच 189 बार बातचीत हुई है. जिस दिन एक जून को स्नेहा कुमारी की मौत की जानकारी हुई, उस दिन मोबाइल नंबर 7979786194 का टावर लोकेशन 4:31:18 बजे मुफस्सिल थाने के बिजुरती हाता सीवान पाया गया है. इस मोबाइल फोन का टावर लोकेशन एक जून को सुबह 6:20:07 सेकेंड रेलवे स्टेशन के निकट पाया गया है. जांच के क्रम में महिला सिपाही खुशबू द्वारा बताया गया है कि जहानाबाद जिला बल के सुमन कुमार नाम के सिपाही से स्नेहा मोबाइल पर बातचीत करती थी. सुमन स्नेहा के यहां कभी-कभी आता भी था.

सिपाही सुमन कुमार से स्नेहा की होने वाली थी शादी

अनुसंधान रिपोर्ट में इंस्पेक्टर ओम प्रकाश राम ने लिखा है कि जहानाबाद जिला बल में तैनात सिपाही सुमन कुमार से पूछताछ की गयी. उसने सीआइडी को बताया है कि 2013 में सीटीएस नाथ नगर में प्रशिक्षण के दौरान स्नेहा कुमारी से जान-पहचान हुई थी. मोबाइल फोन पर दोनों बातचीत करते थे. इससे परिवार वालों ने दोनों की शादी करने का निर्णय लिया था और दोनों परिवारों ने नाथ नगर प्रशिक्षण केंद्र में आकर एक-दूसरे को देखा. उसने बताया इसी दौरान उसे जानकारी हुई कि स्नेहा किसी दूसरे लड़के से शादी करना चाहती है, जो उसके साथ पढ़ता था. इसके बाद सुमन ने बातचीत कम कर देने की बात बतायी है. हालांकि 2018 में सुमन कुमार की शादी किसी दूसरे जगह हो गयी.