सीतामढी: रीगा थाना पुलिस ने ऐसा क्या किया कि लोग पुलिस की सराहना कर रहे हैं.

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पटना: अक्सर पुलिस का क्रूर और लूट खसोट वाला चेहरा सामने आता है। वहीं दूसरी ओर एक दयालु व इमानदार प्रवृति का भी चेहरा दिखता है। ऐसा ही देखने को मंगलवार को रीगा थाना के इमली चौक के पास मिला। अहले सुबह सड़क हादसा में मृत लक्ष्मी गुप्ता के जेब में 1.18 लाख रुपये थे। गश्ती पुलिस जब वहां पहुंची तो पूरा क्षेत्र सुनसान था। मृत अवस्था में एक युवक सड़क किनारे पड़ा था। पुलिस उसे उठाकर अस्पताल ले गयी। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए पॉकेट की तलाश की, तो उसके पॉकेट में 1.18 लाख रुपये नगद मिले। जेब में मिले अन्य कागजात से मृतक की पहचान रीगा थाना के इमली बाजार निवासी लक्ष्मी गुप्ता के रुप में हुई। पुलिस ने मृतक के परिजन को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजन को शव देने के साथ ही रुपये भी लौटा दिया जबकि उन्हें इन रुपये के बारे में जानकारी नही थी। थाना अध्यक्ष संजय कुमार व एसआई अजय कुमार ने मृतक के परिजन से रुपये के बारे में पूछताछ कर उसे लौटा दिया। इस वाक्या से हर कोई पुलिस के इस प्रवृति की सराहना कर रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस चाहती तो वह रुपया रख सकती थी। लेकिन उसने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक गरीब परिवार को बड़ी राहत दी है।

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सड़क दुर्घटना में लक्ष्मी की हुई मौत

परिजनों ने बताया कि लक्ष्मी गुप्ता अपने आवश्यक काम से अपने एक रिश्तेदार के घर गया था। वहीं से लौटते वक्त वह रीगा-मेजरगंज पथ पर इमली चौक के पास मंगलवार को हादसे का शिकार हो गया। सुबह पुलिस ने सड़क पर जख्मीं अवस्था में उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेब से मिले कागजात के अनुसार उसके परिजन को इसकी सूचना दी गयी। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन को सौंप दिया गया। उधर, मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक की चार बेटी व एक छोटा पुत्र ही है। उसके घर में कमाने वाला कोई नहीं है।