सिवान: सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिलने से मरीज परेशान

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  • कई बार सदर अस्पताल का चक्कर लगाया लेकिन एक भी डोज मरीज को नहीं मिल सका
  • जिला औषधि भंडार में ही एआरवी उपलब्ध नहीं है
  • दुकानों पर एक वायल की कीमत करीब 280 रुपए
  • 18 दिसंबर से सदर अस्पताल में एआरवी नहीं है उपलब्ध

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के सदर अस्पताल सहित लगभग सभी सरकारी अस्पतालों में इन दिनों एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। कुत्ता, सियार व बिल्ली के काटने पर एआरवी लेने को लेकर अस्पताल आए मरीजों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। बुधवार को भी एआरवी मिलने की उम्मीद लिए अस्पताल में काफी संख्या में मरीज आए थे। लेकिन अन्य दिनों की तरह ही कक्ष के फाटक पर उन्हें एआरवी उपलब्ध नहीं है का पर्ची चस्पा मिला। बताया जाता है कि जिला औषधि भंडार में ही एआरवी उपलब्ध नहीं है। लिहाजा 18 दिसंबर से ही सदर अस्पताल में एआरवी का डोज मरीजों को नहीं मिल रहा है। कुछ ऐसा ही हाल अन्य पीएचसी सेंटरों की भी है। सदर अस्पताल आए सदर प्रखंड के कुड़वा निवासी सुजीत ने बताया कि बीते शनिवार को कुत्ते ने उसे काट लिया था। कई बार सदर अस्पताल का चक्कर लगाया लेकिन एक भी डोज उसे नहीं मिल सका। इधर प्राईवेट दुकान से प्रति वायल 280 रुपये के हिसाब से दो की खरीदारी कर लिया है जबकि तीसरा डोज लेने को लेकर सदर अस्पताल में चक्कर काट रहा है।

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35 सौ के करीब डोज की प्रतिमाह है खपत

मिली जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में प्रतिमाह करीब तीन हजार से लेकर 35 सौ डोज एआरवी की खपत है। बीते 25 अगस्त से लेकर अबतक करीब 12040 डोज सदर अस्पताल को मिला है। जबकि जिले के औषधि भंडारण को अगस्त के 26 तारीख को दस हजार व 18 सितंबर को करीब 11 हजार 780 डोज वैक्सीन मिला है।

नवंबर से मार्च महीने तक ज्यादा मिलते हैं मरीज

स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मी ने बताया कि एआरवी की जरूरत नवंबर से मार्च महीने के बीच अन्य महीने से कही ज्यादा होती है। इसके बाद अप्रैल महीने से मरीजों की संख्या में कमी आती है। इन दिनों अस्पताल में एआरवी की उपब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।