सिवान: बहन की लाश को ले जाने के लिए बरसात के अंधेरी रात में दर-दर भटक रहा था भाई

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  • अंधेरी रात के पानी में भींगकर परवेज अख्तर ने की मदद
  • सेवा समिति के फंड से अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार की राशि भी की गई प्रदान
  • मृतिका के घर में कोई भी नहीं था कमाऊ सदस्य

मोहम्मद शाहिद/सीवान:
शुक्रवार की रात सीवान सदर अस्पताल में एक अजीबोगरीब बातें तब सामने देखने को मिली. बहन का शव अपने पैतृक गांव यूपी के देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र के बड़हरिया गांव निवासी आकाश कुमार सदर अस्पताल में बिलख-बिलख कर दर-दर भटक रहा था. इसके बावजूद उसकी सुधि लेने वाला कोई सामने नहीं आया. जैसे ही अस्पताल के स्टाफ के द्वारा सिवान ऑनलाइन न्यूज के एडिटर इन चीफ सह लावारिस शव मुक्ति समिति के सदस्य परवेज अख्तर को मिली वे बरसात के मौसम में भीगते हुए सदर अस्पताल पहुंचे. इसके बाद इसकी सूचना जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी को दी.वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में नगर थाने की पुलिस भी तुरंत सिवान सदर अस्पताल में पहुंच गई तथा कागजी कोरम की कार्यवाई भी शुरू कर दी.

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यहां बताते चलें कि मृतिका कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर ली थी.जिससे उसकी हालत काफी नाजुक होने के कारण उसका भाई उसे अकेले ले आकर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था.जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.मौत के बाद उसका भाई सीवान के सदर अस्पताल में मदद के लिए दर-दर भटक रहा था.जिसे पूछने वाला कोई नहीं था,लेकिन सदर अस्पताल के स्टाफ के द्वारा सूचना पाकर पहुंचे परवेज अख्तर ने मृतिका के भाई के दर्द के आंसुओं को पोछते हुए इस बरसात के पानी में भीग कर सहारा बने.

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उन्होंने सेवा समिति के फंड से मृतका के अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार की राशि भी प्रदान किया.यहां बताते चले की परवेज अख्तर सेवा समिति (सिवान )के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं.मृतिका के घर में कोई भी कमाऊ सदस्य नहीं था.हाल ही में मृतिका के माता-पिता की भी देहांत हो चुकी है.इस दुख की घड़ी में मानवता के नाम पर मृतिका के भाई का साथ परवेज अख्तर ने दिया.

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