सिवान: कालाजार से पीड़ित रोगियों को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जाती है क्षतिपूर्ति राशि

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  • कालाजार उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है स्वास्थ्य विभाग
  • सभी पीएचसी स्तर पर कालाजार जांच की सुविधा उपलब्ध

परवेज अख्तर/सिवान: कालाजार उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग मरीजों के क्षति का भी विशेष ख्याल रखा रहा है. कालाजार से पीड़ित रोगी को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती है. मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में बीमार व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा 6600 रुपए और केंद्र सरकार द्वारा 500 रुपए दिए जाते हैं. यह राशि कालाजार संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के समय में दिया जाता है. वहीं, चमड़ी से जुड़े कालाजार संक्रमित रोगी को केंद्र सरकार की तरफ से 4000 रुपए दिए जाते हैं.

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सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है समुचित व्यवस्था:

डीएमओ डॉ एमआर रंजन ने बताया कि लोगों को कालाजार का लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जांच कराना चाहिए और चिकित्सकों के सलाह के अनुसार समुचित इलाज कराना चाहिए. सरकारी अस्पतालों में जाँच एवं इलाज की मुफ्त समुचित व्यवस्था उपलब्ध है. साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए जमीन पर नहीं सोएं. मच्छरदानी का नियमित रूप से उपयोग करें. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने.

कालाजार से बचाव को एसपी पाउडर का छिड़काव बेहतर

कालाजार से बचाव के लिए एसपी पाउडर का छिड़काव ही सबसे बेहतर उपाय है। साथ ही इससे बचाव के लिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. इसके लिए लोगों को साफ-सफाई समेत रहन-सहन में बदलाव करने की आवश्यकता है. दरअसल, कालाजार मादा बालू मक्खी (सैन्ड फ्लाई) के काटने से फैलता है. एसपी पाउडर के छिड़काव से ही बालू मक्खी के प्रभाव को पूर्णत: खत्म किया जा सकता है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एसपी पाउडर का छिड़काव कराया जाता है. जिससे बालू मक्खी को समाप्त किया जा सके.

कालाजार के लक्षण

  • यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से ज्यादा से बुखार हो, उसकी तिल्ली और जिगर बढ़ गया हो और उपचार से ठीक न हो हो तो उसे कालाजार हो सकता है
  • पोस्ट कालाजार डरमल लिश्मैनियासिस (पीकेडीएल) एक त्वचा रोग है जो कालाजार के बाद होता है
  • दो हफ्ते से ज्यादा समय से बुखार, खून की कमी (एनीमिया) , जिगर और तिल्ली का बढ़ना, भूख न लगना, कमजोरी तथा वजन में कमी होना है
  • सूखी, पतली, परतदार त्वचा तथा बालों का झड़ना भी इसके कुछ लक्षण है
  • उपचार में विलंब से हाथ, पैर और पेट की त्वचा भी काली पड़ जाती है

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