सिवान: चार कर्मी व एक मशीन के भरोसे डेंगू से जंग लड़ रहा जिला मलेरिया विभाग

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  • नगर परिषद क्षेत्र में नगर परिषद ही कराता है फॉगिंग
  • डेंगू मरीजों के घरों के आसपास कराया गया फॉगिंग

परवेज अख्तर/सिवान: जिला मलेरिया कार्यालय इन दिनों चार कर्मी व एक मशीन के भरोसे जंग लड़ रहा है। चार कर्मियों में से एक महिला और एक रिटायरमेंट के कगार पर है। हद तो तब हो जाती है जब फागिंग मशीन की बारी आती है। जिला कार्यालय में महज एक मशीन है, जिससे काम किया जा रहा है। बताया जाता है कि फागिंग मशीन को लेकर कई बार वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया लेकिन अबतक स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। वहीं कार्यालय के एक कर्मी ने बताया कि डेंगू के मरीज मिलने पर टीम वहां पहुंचकर जांच करती है साथ ही आसपास के इलाके में फॉगिंग कराती है। विगत दिनों जिले में मिले तीन मरीजों के घरों के आसपास भी फॉगिंग करा दिया गया है। सिसवन प्रखंड के एक गांव में भी डेंगू को लेकर लोग भयभीत थे। जहां टीम दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बताया कि नगर परिषद क्षेत्रों में केमिकल का छिड़काव व फॉगिंग का जिम्मा नगर परिषद की होती है। बाकी ग्रामीण इलाकों में फॉगिंग का काम जिला मलेरिया कार्यालय के जिम्मे है। वैसे जिले के सभी पीएचसी प्रभारी चिकित्सा प्रभारियों को केमिकल छिड़काव व फॉगिंग के लिए सिविल सर्जन ने पत्र लिखकर निर्देशित किया है।

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स्थानीय नगर परिषद ने भी करीब दस वार्डों में पूरा किया छिड़काव

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दूबे ने बताया कि बीते 15 दिनों से लगातार छिड़काव किया जा रहा है। करीब 10 वार्डों में छिड़काव का काम पूरा भी कर लिया गया होगा। एक बड़ी मशीन होने के कारण छिड़काव को गति नहीं मिल रही है। बावजूद इसके कुछ ही दिनों में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।

प्री मानसून से अक्टूबर महीने तक डेंगू का रहता है डर

कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डेंगू मच्छरों के पनपने का डर प्री मानसून से लेकर अक्टूबर महीने तक रहता है। इस दौरान जलजमाव की स्थिति में स्थलों को चिन्हित कर वहां फॉगिंग व केमिकल छिड़काव कराया जाता है। इस बार भी जलजमाव वाले स्थलों को चिन्हित कर वहां केमिकल छिड़काव व फॉगिंग करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन अबतक किन-किन स्थलों पर छिड़काव हुआ है किसी भी पीएचसी से इसकी रिपोर्ट नहीं आई है।