सिवान: सदर अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहीं आवश्यक दवाईयां

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  • इनदिनों कई ऐसी भी दवाईयां स्टोर में उपलब्ध नहीं हैं जिनकी आपूर्ति पहले की जाती थी
  • दवा नहीं मिलने पर मरीज बाहर से करते हैं खरीदारी
  • बदले में डॉक्टर मरीजों को दूसरी दवाईयां लिखते हैं
  • 06 माह से कई दवाईयां अस्पताल में नहीं आयीं

परवेज अख्तर/सिवान: सदर अस्पताल में आपूर्ति नहीं होने से कई आवश्यक दवाईयां मरीजों को नहीं मिल रही हैं। लिहाजा इलाज कराने आए मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बुधवार को पड़ताल के दौरान दवा काउंटर पर कई दवाईयां उपलब्ध नहीं थीं, जबकि डॉक्टर उन दवाओं को मरीजों की परेशानियों जानने में बाद उनकी पर्ची पर लिख रहे थे। लिहाजा अपने स्वास्थ्य ठीक करने को लेकर मरीज उन दवाईयों को अस्पताल के बाहर की दुकानों से खरीदने को मजबूर दिखे। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनदिनों कई ऐसी भी दवाईयां स्टोर में उपलब्ध नहीं हैं जिनकी आपूर्ति पहले की जाती थी। बताया कि रेनिटिडिन इंजेक्शन, बी कांप्लेक्स सीरप, बैडेज रोल, एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लोक्सासिन 500, आयरन सुक्रोज, ग्लूकोनेट इंजेक्शन करीब छह माह से स्टोर में नहीं है। कई दवाईयों के उपलब्ध नहीं रहने पर उसके बदले में डॉक्टर मरीजों को दूसरी दवाईयां लिख रहे हैं।

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ओपीडी में करीब पांच सौ मरीज आते हैं प्रतिदिन

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बेहतर इलाज को लेकर सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब पांच सौ मरीजों का आना होता है। ऐसे में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज ओपीडी में बैठे विभिन्न रोगों के डॉक्टर के सामने अपनी समस्याएं रखते हैं। इधर डॉक्टर उनकी समस्याएं सुन उनके रजिस्टेशन पर्ची पर आवश्यक दवाईयां लिख उन्हें समय से खाने की सलाह देते हैं। लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि पर्ची पर लिखी दवाईयों में से एक दो दवाईयां मरीज को दवा काउंटर से नहीं मिलती हैं।

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन यदुवंश कुमार शर्मा ने बताया कि कई दवाईयां पिछले छह महीने से स्टोर में उपलब्ध नहीं हैं। आने में क्यों देरी होती है इसका स्पष्ट कारण पता नहीं है। हालांकि जैसे ही दवाईयां स्टोर में आती हैं मरीजों के लिए उसे दवा काउंटर पर उपलब्ध करा दी जाती हैं।