पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की नमाज़-ए-जनाज़ा के पहले लगे लालू के खिलाफ जमकर नारे

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lalu yadav and shahabuddin
  • समर्थकों ने कहा सिवान से ही तेजस्वी की खुद जाएगी मिट्टी
  • समर्थकों ने कहा शहाबुद्दीन द्वारा कही जाती थी कि हम लालूवादी हैं
  • तेजस्वी ने अपनी सफाई में कहा की राजद उनके परिवारवालों के साथ हर मोड़ पर खड़ी है

✍️ परवेज अख्तर/ एडिटर इन चीफ :
विकास पुरुष के नाम से मशहूर राजद के पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन के निधन के बाद भी राजनीति सरगर्मी थमने का नाम नहीं ले रही है। शहाबुद्दीन के समर्थकों तथा उनके चाहने वालों के द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। शनिवार से आज तक सोशल मीडिया पर राजद के विरुद्ध ऐसी जंग छिड़ी हुई है कि जैसे देश के सीमा पर सैनिकों द्वारा मोर्चा लिया गया हो।

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सिवान के चर्चित तेजाब हत्याकांड को लेकर दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद राजद के पूर्व सांसद डॉ. मो. शहाबुद्दीन की कोरोना से हुए निधन के बाद जब दिल्ली के आईटीओ ( ITO ) कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया तो उनके जनाने में साथ आए उनके समर्थक व चाहने वालों का गुस्सा लालू परिवार के खिलाफ खुलकर सामने आया। इस मौके पर शहाबुद्दीन के परिवारवालों के साथ भारी संख्या में शहाबुद्दीन के प्रशंसक भी मौजूद थे। जिन्हें इस बात से बहुत नाराजगी थी कि शहाबुद्दीन को सीवान स्तिथ उनके पैतृक गांव हुसैनगंज थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाए।

दिल्ली में कराह रही थी MY समीकरण :

प्रशंसकों ने इसके लिए प्रशासन से ज्यादा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि लालू यादव और तेजस्वी ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सीवान में सुपुर्द-ए-खाक करने का कोई दवाब नहीं बनाया जबकि मोहम्मद शहाबुद्दीन के दम पर ही लालू यादव की आरजेडी के MY समीकरण का दंभ भरती है।

यही नहीं ITO कब्रिस्तान के पास शहाबुद्दीन समर्थकों ने खुलकर लालू-तेजस्वी के खिलाफ नारेबाजी भी की। माहौल को भांपते हुए तुरंत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना सफाइनामा सबके सामने रख दिया। तेजस्वी ने अपनी सफाई में कहा है कि लालू प्रसाद यादव और उन्होंने खुद सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई, खूब दवाब भी बनाया लेकिन सरकार कोरोना प्रोटोकॉल का हवाला देकर सीवान ले जाने की अनुमति नहीं दी।

तेजस्वी ने इसके लिए सरकार की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया। यही नहीं तेजस्वी ने अपनी सफाई में ये भी कहा कि स्थानीय प्रशासन मोहम्मद शहाबुद्दीन को ITO के बजाए किसी दूसरे कब्रिस्तान में दफनाना चाहती थी लेकिन उन्होंने दिल्ली के कमिश्नर से खुद बातकर दिल्ली ITO कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक की अनुमति दिलाई। इसके अलावे नाराज प्रशंसको को मनाने के लिए तेजस्वी ने कहा है कि मो. शहाबुद्दीन के निधन से उनकी पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। राजद उनके परिवारवालों के साथ हर मोड़ पर खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।