उम्मीदों के सहारे कुछ मूर्तिकार मूर्तियां बनाने का ले रहे जोखिम

0

परवेज़ अख्तर/सिवान:
कोरोना वायरस का ग्रहण पर्व-त्योहारों पर लग गया है। मार्च से लेकर अब तक एक के बाद एक कई पर्व-त्योहार कोरोना के कारण फीके रहे। अब नवरात्र पर भी इसकी काली छाया पड़ने की पूरी उम्मीद है। कोरोना के कारण इस साल दशहरा में कोरोना की आफत जिले के मूर्तिकारों पर भी टूट रही है। इसकी वजह से इस साल अब तक सरकार या जिला प्रशासन की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। बावजूद इसके मूर्तिकार इस उम्मीद में है कि शायद सरकार इस महापर्व को ले प्रतिमा स्थापित करने को लेकर कोई आदेश आगे जारी कर दे, कई मूर्तिकार मूर्तियों को बनाकर आर्थिक जोखिम ले रहे हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

वहीं जिला प्रशासन की मानें तो इस अवसर पर ना पंडाल बनेगा और ना बाजा बजेगा। वैसे प्रशासन की ओर से अबतक किसी प्रकार का दिशा-निर्देश न मिलने के कारण समिति असमंजस में हैं। नवरात्र का समय एक एक दिन नजदीक आता जा रहा है और स्थिति और जटिल होती जा रही है।प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार माता की प्रतिमा भी उतनी ही बड़ी बनायी जाएगी जिससे कि विसर्जन के समय समिति के पांच लोग सामान्य तरीके से बिना जुलूस व बैंड बाजा के नदी में ले जाकर विसर्जन कर सके। इसी के बीच ललित बस स्टैंड में पंडाल तैयार किया जा रहा है।

मूर्तिकारों ने कहा-ठप हो गया रोजगार

दरअसल, कई मूर्तिकारों की साल भर की रोजी-रोटी की कमाई दशहरा में प्रतिमा बनाने से हो जाती थी। इस साल कोरोना की वजह से लगातार लॉकडाउन से उनकी हालत पहले ही पतली हो चुकी है। दशहरा में अब कुछ दिन की अवधि शेष रह गई है लेकिन अब तक उन्हें किसी प्रकार की प्रतिमा का ऑर्डर नहीं मिला है। ऐसे में यहां के अधिकांश मूर्तिकारों का रोजगार पूरी तरह से ठप है। शहर के रामराज्य मोड़ के समीप तकरीबन पांच से अधिक मूर्तिकार हैं, जो पर्व त्योहार के अवसरों पर संबंधित देवी देवताओं के मूर्ति बनाकर अपना रोजी चलाते रहे हैं। इसी की आमदनी से उनका घर परिवार चलता है। मूर्तिकार राजकुमार ने बताया प्रशासन द्वारा अब तक इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण कोई भी उन्हें मूर्ति बनाने का आर्डर नहीं दे रहा है। हालांकि कुछ पूजा समितियों द्वारा छोटी मूर्ति बनाने वह खरीदारी के संकेत दिए जा रहे हैं। उन्हीं के भरोसे मूर्ति तैयार करने में जुटे हैं। ज्यादा कर तीन से चार फुट की मूर्ति तैयार हो रही है।

कहते हैं एसडीओ

अभी कोई आदेश नहीं आया है, लेकिन पंडाल नहीं बनेगा और बाहर कोई भी गतिविधि नहीं होगी। इसपर पूजा समिति के साथ बैठक की जाएगी। अगर कोई पंडाल बना रहा है उसपर नोटिस किया जाएगा।

रामबाबू बैठा, एसडीओ सदर।