सदन में अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे….BJP विधायक पूछ रहे थे हमारे अध्यक्ष कहां हैं? पहली दफे CM को BJP कोटे वाले ‘स्पीकर’ से पड़ा पाला

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पटना: बिहार विधानसभा स्पीकर और सीएम नीतीश विवाद और बढ़ते जा रहा है। सदन में जिस तरह से मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को फटकार लगाई उसके बाद आज विजय सिन्हा सदन में आये ही नहीं। इस दौरान राजद सदस्यों ने भारी विरोध किया। न सिर्फ राजद-माले बल्कि बीजेपी भी सीएम नीतीश की कार्यप्रणाली से काफी खफा दिखी। सदन में आज वो सबकुछ दिखा जिसकी कल्पना मुख्यमंत्री ने भी नहीं की होगी। 2005 से लेकर अब तक बीजेपी नीतीश कुमार के साथ रहकर इस तरह की खुली चुनौती नहीं दी होगी। विधानसभा में जब सरकार का उत्तर हो रहा था तो बीजेपी विधायक पूछ रहे थे,हमारे अध्यक्ष कहां हैं? सत्ताधारी दल बीजेपी के विधायक सदन में खड़े होकर शोर-गुल कर रहे थे और मंत्री अपना जवाब पढ़ रहे थे। इतना ही नहीं बीजेपी विधायकों ने नीतीश राज की तुलना जंगल राज से कर दी।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस बार जेडीयू कोटे के विस अध्यक्ष से नहीं बल्कि बीजेपी कोटे वाले स्पीकर से पाला पड़ा है। अब तक नीतीश कुमार की मर्जी के बिना विधानसभा में पत्ता भी नहीं हिलता था। लेकिन विधानसभा चुनाव में 43 सीट आने के बाद जेडीयू से अध्यक्ष की कुर्सी छीन गई। भाजपा ने उस कुर्सी पर विजय सिन्हा को बिठा दिया। इसके पहले सीएम नीतीश उदय नारायण चौधरी व विजय सिन्हा को विस अध्यक्ष बनाया था। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सार्वजनिक तौर पर अध्यक्ष को नियम विरूद्ध काम करने का आरोप लगा दिया । साथ ही यह भी कह दिया कि सदन ऐसे नहीं चलता। मुख्यमंत्री लगातार स्पीकर विजय सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाते रहे। हालांकि स्पीकर विजय सिन्हा ने बिना धैर्य खोये मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस नीति की पोल खोल दी। सोमवार प्रश्नकाल के दौरान यह वाकया हुआ और भोजनावकाश के बाद सरकार के उत्तर के समय स्पीकर विजय सिन्हा आसन पर आये । लेकिन अगल दिन यानी मंगलवार को वे सदन से अनुपस्थित रहे। इस दौरान वे विधानसभा स्थित कक्ष में बैठे रहे । मुख्यमंत्री भी विस सभा स्थित कक्ष में ही बैठे रहे, वे भी सरकार के उत्तर के समय सदन में नहीं आये।

बीजेपी कोटे के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी के अलावे स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय करीब 1.5 घंटे तक स्पीकर के चैंबर में बैठे रहे। घटनाक्रम पर लगातार बातचीत होते रही लेकिन कोई फलाफल नहीं निकला। इस दौरान बीजेपी विधायक आक्रामक दिखे। बीजेपी विधायकों ने सीधे तौर पर नीतीश राज की तुलना जंगलराज से कर दी। सदन के अँदर बीजेपी के कई विधायक खड़े रहे और शोरगुल करते रहे। विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल, नीतीश मिश्रा, संजय सरावगी समेत कई विधायकों ने सदन में खड़े होकर बता दिया कि स्पीकर के साथ हुए अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभी विधायक स्पीकर विजय सिन्हा कहां हैं यह बात दुहराते रहे। सदन से बाहर निकल कर हरिभूषण ठाकुर बचौल समेत कई अन्य विधायकों ने नीतीश राज की तुलना जंगल राज से कर दी।बीजेपी विधायकों ने परोक्ष-अपरोक्ष रूप से नीतीश सरकार को बता दिया कि अब 2010 वाली स्थिति नहीं है, बल्कि 2022 है। वहीं, राजद विधायक भी लगातार मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग पर नारेबाजी करते रहे।हालांकि संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसी कोई बात ही नहीं कही है जिससे की माफी मांगी जाये। उन्होंने अध्यक्ष और मुख्यमंत्री दोनों को सही बताया है।