विश्व हृदय दिवस पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर निशुल्क परामर्श सप्ताह की हुई शुरुआत

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  • जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर तमाम गतिविधियों का होगा आयोजन
  • बैनर पोस्टर के माध्यम से किया गया जागरूक
  • उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित
  • ‘यूज हार्ट टू बीट कार्डियोवस्कुलर डिजीज’ है, इस वर्ष का थीम

छपरा: विश्व स्वास्थ्य दिवस को प्रत्येक वर्ष विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विश्व हृदय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. ए.के. साही के निर्देश के आलोक में सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्व हृदय दिवस का आयोजन किया गया। इस वर्ष ‘यूज हार्ट टू बीट कार्डियोवस्कुलर डिजीज’ थीम पर विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ माधवेश्वर झा ने निशुल्क परामर्श सप्ताह की शुरुआत की । 1 सप्ताह तक जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप हृदय रोग के बारे में निशुल्क परामर्श दिया गया। इसके साथ साथ लोगों को स्वास्थ्य जीवन अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया। जिले के सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्व हृदय दिवस का आयोजन किया गया।

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इस मौके सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने कहा हृदय रोगों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है हमारी अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण आदि, जिनसे यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकांश मामलों में हृदय रोग का प्रमुख कारण तनाव ही होता है और मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी हृदय रोगों को जन्म देती है। छोटी उम्र से लेकर बुजर्गों तक में हृदय से जुड़ी समस्याएं होना अब आम बात हो गई है। उन्होंने बताया दिल की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है, इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। महिलाओं में हृदय रोग की संभावनाएं ज्यादा होती हैं, बावजूद इसके वे इस बीमारी के जोखिमों को नजरअंदाज कर देती हैं। इसीलिए ‘विश्व हृदय दिवस’ लोगों में यह भावना जागृत करता है कि वे हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें। मैके पर एनसीडीओ डॉ एचसी प्रसाद, डीएस डॉ रामइकबाल प्रसाद, डीपीसी रमेश चन्द्र कुमार, जीएनएम राज कन्या, राजीव गर्ग, बंटी कुमार रजक समेत अन्य मौजूद थे।

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उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों के लिए विशेष जांच शिविर

सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह रोगियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं हृदयाघात, स्वास्थ्य खान-पान के साथ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को बैनर-पोस्टर के माध्यम से जागरूक भी किया गया। सिविल सर्जन डॉ. झा ने कहा मधुमेह से बचाव के लिए ग्लूकोज स्तर की जांच हर तीन महीने में कराते रहें। शारीरिक श्रम करना शुरू करें। तीन से चार किलोमीटर तक जरूर पैदल चलें या फिर योग करें। कम कैलोरी वाला भोजन खाएं। सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और डेयरी उत्पादों को भोजन में शामिल करें। फाइबरयुक्त भोजन का भी सेवन करना चाहिए। साथ ही मधुमेह में रोगियों को भोजन में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

मधुमेह के लक्षण

ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब का आना, आंखों की रौशनी कम होना, कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना, हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म, बार-बार फोड़े-फुंसियां निकलना, चक्कर आना और चिड़चिड़ापन।

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए करें ये उपाय

  • प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें।
  • सुबह और शाम के समय पैदल चलें या सैर पर जाएं।
  • भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम कर लें, अधिक मात्रा में यह हानिकारक होते हैं।
  • ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें।
  • तनावमुक्त जीवन जिएं। तनाव अधि‍क होने पर योगा व ध्यान के द्वारा इस पर नियंत्रण करें।
  • धूम्रपान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, यह हृदय के साथ ही कई बीमारियों का कारक है।
  • स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।