मुखिया हत्या कांड में मिली सफलता:-  पूर्व मुखिया सुनील राय एवं सत्येंद्र यादव चढ़े पुलिस के हत्थे

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  • मुखिया हत्याकांड में पूर्व मुखिया समेत तीन के विरुद्ध है दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी
  • मुखिया का एकलौता पुत्र सुमित ने सोमवार को दोपहर बाद दर्ज कराई थी प्राथमिकी
  •  फरार बलऊं निवासी प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
  • तेज तर्रार एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का दिया था आश्वासन

परवेज़ अख्तर/सिवान:
सिवान- पैगंबरपुर मुख्य पथ पर करसौत पुल के पास 27 सितंबर को दिनदहाड़े महाराजगंज के बलऊं पंचायत के मुखिया व लेरूआ निवासी सुनील सिंह की हत्या हुई थी। मामले में मृतक के एकलौता पुत्र सुमित कुमार सिंह ने दारौंदा थाने में आवेदन देकर तीन लोगों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें महाराजगंज के तक्कीपुर पंचायत के भगौछा निवासी पूर्व मुखिया सुनील राय, दारौंदा थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी सत्येंद्र यादव तथा बलऊं निवासी प्रदीप यादव का नाम शामिल है। इस संबंध में महाराजगंज के तेज तर्रार एसडीओपी पोलस्त कुमार ने बताया कि तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी कांड सं. 265/20 दर्ज की गई है,जिसमें दो आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसआटी टीम संदेहात्मक ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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बेटे सुमित कुमार सिंह ने दारौंदा थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी

महाराजगंज के तेज तर्रार एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किये गए लोगों में पूर्व मुखिया सुनील राय एवं सत्येंद्र यादव शामिल है।पुलिस दोनों लोगों से बारीकी पूर्वक पूछताछ कर रही है।बतादें की मृतक के एकलौता पुत्र सुमित कुमार सिंह ने कहा है कि मेरे पिता के साथ इन तीनों लोगों के साथ पुराना विवाद था। इस कारण इन तीनों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है।ज्ञात हो कि 27 सितंबर की दोपहर में थाना क्षेत्र के करसौत पुल पर अपराधियों ने महाराजगंज प्रखंड के बलऊं पंचायत के मुखिया सह लेरुआ निवासी सुनील कुमार सिंह को सिवान से बुलेट सवार होकर घर जाने के दौरान गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद घटना से आक्रोशित लोगों ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए करीब पांच घंटे तक सिवान-पैैगंबरपुर पथ को जाम किया था। बाद में एसडीपीओ पोलस्त कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों द्वारा आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देने के बाद सड़क जाम समाप्त किया गया था।