शिक्षक दिवस: शिक्षा की अलख जगा रही हैं सीतामढ़ी की ये देवियां, राजकीय शिक्षक सम्मान से हो चुकी हैं सम्मानित

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पटना: नि:स्वार्थ व सच्ची लगन से की जा रही सेवा मानवता का सबसे बड़ा धर्म होता है। इसे चरितार्थ कर रहे है सीतामढ़ी जिले के कई शिक्षक-शिक्षिकाएं। इस कड़ी में जिले में राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित हो चुकी दो शिक्षिकाएं अनिमा कुमारी व नुसरत खातून गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रही है। रुन्नीसैदपुर के प्रेमनगर गांव निवासी व मिडिल स्कूल कुम्हरा विशनपुर में मूल रुप से पदस्थापित शिक्षिका अनिमा कुमारी राजकीय शिक्षक सम्मान 2019 से सम्मानित हो चुकी हैं। वह फिलहाल उच्च योग्यता के आधार पर उच्च माध्यमिक स्कूल लगमा में प्रतिनियोजित हैं।

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अग्रेजी विषय की शिक्षिका अनिमा स्कूल में शिक्षण कार्य के बाद नौवीं व दसवीं के गरीब बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाती हैं। साथ ही अनिमा बाल केन्द्रित शिक्षण को भी बढ़ावा दे रही हैं। अनिमा का मानना है कि ज्ञान को बांटने से ज्ञान और बढ़ता है। अग्रेजी से स्नातकोत्तर अनिमा बताती है कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत करना उनका लक्ष्य है। स्कूल में जब बच्चे क्लास संचालन के लिए बाध्य करते है। खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाई व नवाचार के प्रयोग के लिए सम्मानित अनिमा गरीब व प्रतिभावन बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रही हैं।

इसी तरह राजकीय शिक्षक सम्मान 2018 से सम्मानित डुमरा के प्राइमरी स्कूल मेहसौल गोट पंचायत भवन की शिक्षिका नुसरत खातून असहाय बच्चों के बीच नि:शुल्क शिक्षा का अलख जगा रही हैं। उर्दू से पीजी की शिक्षा प्राप्त नुसरत बच्चों के अलावा महिलाओं को भी शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही हैं। नुसरत ने बताया कि उन्होने वर्ष 2007 में मेहसौल स्थित भूमिहीन स्कूल में योगदान किया था। तब स्कूल में मात्र दो बच्चे नामांकित थे। आज स्कूल में दो सौ बच्चे नामांकित है। नुसरत सुबह-शाम आस पड़ोस के गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रही है।