काली रात में आई तेज आंधी ने मचाई तबाही, पेड़ गिरे, दर्जनों झोपड़ियां क्षतिग्रस्त

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परवेज अख्तर/सिवान : शनिवार की आधी रात में जब सभी लोग सो रहे थे चक्रवाती तूफान ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक गांव में पेड़ और विद्युत खंभे धराशाई हो गए। कई झोपड़ियां और शेड उड़ गए। ओलावृष्टि से भी नुकसान हुआ। सर्वाधिक नुकसान मैरवा एवं जीरादेई प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में देखा गया। वहीं धनौती ओपी के अघेला गांव में दो लोगों पर करकट नुमा झोपड़ी गिर गई। जिसमें दोनों घायल हो गए। उधर तितरा स्थित पेट्रोल पंप की मशीन को काफी क्षति पहुंची है। पेट्रोल पंप ने काम करना बंद कर दिया। रविवार को यह पेट्रोल पंप बंद रहा। पेट्रोल-डीजल लेने आने वाले वाहन चालकों को निराश लौटना पड़ा। वहीं इस ताकतवर आंधी के आगे विद्युत खंभे व वृक्ष नतमस्तक हो गए। हाईटेंशन तार टूट कर गिर गए। कई विद्युत खंभे जमींदोश हो गए। फूस के घर (पलानी) उड़ गए। इसमें रहने वाले बेघर हो गए। बंधे हुए मवेशी रस्सी तोड़ जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग गए। मैरवा-सिवान मुख्य पथ पर वृक्षों के बीच सड़क पर गिरने से रविवार की सुबह दस बजे तक वाहनों का परिचालन बाधित रहा। ग्रामीणों के सहयोग से सड़क से पेड़ हटाया गया। तब वाहनों का आना-जाना शुरू हो सका।

जीरादेई मोड़ के पास हेमंत सिंह का दो एकड़ में लगा सागवान एवं कटहल का पूरा बगीचा ही चक्रवात में उजड़ गया। छोटका मांझा, पंडितपुरा आदि गांवों में भी काफी संख्या में पेड़ एवं फुस का घर का क्षति हुआ है। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए तो कई उड़ कर बगल में गिर गए। इस दौरान कई लोगों की भूसा रखने वाली बेढ़ियां ध्वस्त होकर गिर गई, लेकिन कहीं भी किसी जानमाल का नुकसान होने की सूचना नहीं रही।

वहीं धनौती ओपी के अघेला में शनिवार की रात आंधी के साथ बारिश के दौरान एक करकट नुमा घर गिर गया। जिससे उसके नीचे सो रहे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन फानन में इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में अघेला निवासी फुलेना साह तथा अंकित कुमार शामिल हैँ। घायल अंकित कुमार ने बताया कि मैं और मेरे दादा जी दोनों एक साथ करकट के घर में सोए थे तभी रात में तेज आंधी तूफान के साथ बारिश होने से करकट हमलोग के शरीर पर गिर गया। इधर तेज आंधी के कारण जिला मुख्यालय में महादेवा, सब्जी मंडी, बड़हरिया बस स्टैंड, फतेहपुर बाईपास, श्रीनगर, खुरमाबाद, मखदुम सराय समेत अन्य जगहों पर कीचड़ एवं जल जमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बसंतपुर क्षेत्र में शनिवार की रात 11.15 बजे आंधी और पानी से जहां आम, लीची की क्षति हुई है, वहीं मौसम में ठंडी आने से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि आंधी पानी से कोई जान माल की क्षति नहीं हुई है। हसनपुरा प्रखंड क्षेत्र में आंधी-पानी से काफी नुकसान हुआ है। जहां तहां कई पेड़ गिर पड़े हैं तो कहीं करकटनुमा मकान उजड़ गए हैं, जबकि अरंडा तथा हसनपुरा में गुमटीनुमा दुकान भी गिर पड़े हैं। इस आंधी से आम एवं लीची के फलों को काफी नुकसान हुआ है लेकिन सब्जी की खेती को फायदा हुआ है। आंधी के बाद मामूली बारिश हुई है। इस कारण घंटों बिजली सप्लाई भी बाधित हो गई। वहीं महाराजगंज, दारौंदा, लकड़ी नबीगंज, सिसवन, रघुनाथपुर, नौतन, मैरवा, गुठनी आदि जगहों में आंधी-पानी से काफी नुकसान होने की सूचना है।

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