बड़हरिया प्रमुख दंगल: इस दोतरफी आग में कैसे बचेगी आबरू?

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प्रमुख पद के दंगल में प्रमुख सुबुक तारा और विपक्षी रीता देवी के बीच फाइनल मैच बुधवार को

जोड़-तोड़ की राजनीत अंतिम चरण में

परवेज़ अख्तर/बड़हरिया(सीवान):-   “एक तरफ है शम्मा रौशन,एक तरफ है माहे रूह ,इस दो तरफी आग़ में कैसे बचेगी आबरू “? अमीरुल्लाह व प्रदीप के दंगल में पहलवान बनी सुबुक तारा खातुन व रीता देवी आगामी 25 जुलाई के दंगल के मैदान में लड़ने को तैयार है। उक्त पंक्तियाँ उक्त दोनों महानुभाव पर सटीक बैठ कर खामोश हो जा रही है। दोनों महानुभाव के प्रतिनिधि राजनीत के मंझे खिलाड़ी माने जाते है। बतादें की सैफी समाज के रहनुमा सह जदयू के लीडर अमीरुल्लाह सैफी के भवे सुबुकतारा खातुन व समाजसेवी प्रदीप सिंह की पत्नी रीता देवी 25 जुलाई को निर्धारित दंगल में अपना-अपना भाग्य आजमा रही है। दोनों की प्रतिष्ठा दाव पर है क्योकि दोनों प्रत्यासी के मांझी राजनीत के मंझे खिलाड़ी माने जाते है।और दोनों की पहचान राजनीत में एक अलग है। दोनों अपने -अपने जीत का दावा कर रहे है।लेकिन अब वो समय करीब होते जा रहा है। प्रखंड प्रमुख सुबुक तारा खातून और विपक्षी रीता देवी के बीच का दंगल का फाइनल मैच बुधवार को होना तय है।फाइनल मैच में जो जीतेगा वह सिकन्दर बड़हरिया प्रखंड का हो जायेगा । प्रमुख के खिलाफ अविश्वास पर बहस एवं मत विभाजन को लेकर आगामी 25 जुलाई को बीडीसी सदस्यों की एक बैठक बुलाई गई है। भाभोपाली पंचायत के बीडीसी रीता देवी ने बिगत 11 जुलाई को 24 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर नुमा अविश्वास पत्र के समर्थन पर प्रमुख सुबुक तारा खातुन के खिलाफ अविश्वास पत्र बीडीओ को सौंपी थी। अविश्वास आते ही दोनों खेमो में जोड़-तोड़ की राजनीत दंगल में तब्दील हो गई है। दंगल के दो शक्तियों का इम्तिहान 25 जुुलाई को होगा। इसमें पास मार्क्स 21 बीडीसी है। इस रोचक दंगल के मैदान में दोनों के मांझी अपने-अपने तरकीब से कई गणित अपना रहे है।बहरहाल चाहे जो हो बड़हरिया में अविस्वास प्रस्ताव के बाद इलाके में जोड़ -तोड़ की राजनीत अपने उरूज पे है। दोनों गुट के लोग कामयाब होने का दावा कर रहे है।लेकिन कुछ बीडीसी सदस्यों की चुप्पी दोनों दंगल के पहलवानों की बेचैनी बढ़ा दी है। अब देखना है की चुप्पी साधे बीडीसी सदस्यों को कौन सा पहलवान अपने तरकीब से मना पाता है यह तो समय ही बता पायेगा या इसे यूँ कहा जा सकता है की “अब देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है”? लेकिन इस रोमांचक दंगल के बारे में अनुमान लगा कर कहना थोडा बेईमानी कही जायेगी। बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि 25 जुलाई को सुरक्षा का पुख्ता व्यवस्था रहेगा। अविश्वास पत्र पर चर्चा में भाग लेने के लिए सभी बीडीसी को सूचना भेज दी गयी है।