विशेष निगरानी ईकाई के SP को मिली धमकी….कहा- मगध विवि के वीसी के खिलाफ जांच की तो उल्टा लटका देंगे….

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पटना: विशेष निगरानी ईकाई (SVU) के SP जेपी मिश्रा को जान से मारने की मिली है। बताया जा रहा है मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति से जुड़े कुछ लोगों ने SVU के एसपी को कल दो अलग-अलग नंबरों से कॉल कर धमकी दी।

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एसवीओ एसपी जेपी मिश्रा ने बताया कि फोन करने वाले ने कहा कि कुलपति के खिलाफ चल रही जांच को भूल जाओ. अगर कभी गया आ गये, तो उल्टा लटका देंगे. धमकी देने वाले ने अपनी ऊंची पहुंच की धौंस भी दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने भी फोन पर SP को धमकी दी है।

एसपी ने बताया कि मुझे फोन पर धमकी देने वाले ने मगध विश्वविद्यालय कार्यालय में जाकर हंगामा भी किया है। उन्होंने ममाले में बोधगया के एसडीपीओ अजय प्रसाद को इस मामले की जानकारी दी है। एसपी ने बताया कि मुझे फोन पर धमकी देने वाले ने मगध विश्वविद्यालय कार्यालय में जाकर हंगामा भी किया है. एसडीपीओ ने भी स्वीकार किया कि निगरानी के एसपी ने फोन कर इस मामले की जानकारी दी है. उन्होंने वह मोबाइल नंबर दिया है, जिससे उन्हें फोन किया गया था. जब ट्रूकॉलर से इस नंबर की जांच की गयी, तो वह किसी चंदन यादव का बता रहा था. एसडीपीओ ने बताया कि फोन करने वाले का पता लगाया जा रहा है. उधर, एसपी के अनुसार, ‍विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ के मामले में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है।

इससे पहले एक माह के अवकाश अवधि समाप्त होने के बाद एसवीयू ने मगध विवि के कुलपति राजेंद्र प्रसाद को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए 3 जनवरी को पेश होने के लिए कहा था। लेकिन, इस पूछताछ से बचने के लिए कुलपति एक बार फिर से एक माह के लिए अवकाश पर चले गए हैं। जिसके कारण जांच एक बार फिर से रूक गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी जांच का सामना कर रहे मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद ने अपना मेडिकल अवकाश बढ़ा लिया है. राजभवन ने इस आधार पर प्रति कुलपति विभूति नारायण सिंह को कुलपति पद का कार्यप्रभार एक माह या कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद के लौटने तक के लिए बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मगध विवि के वीसी राजेंद्र प्रसाद के 17 नवंबर को उनके बिहार व यूपी स्थित ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई ने छापेमारी की थी, जिसमें बड़ी मात्रा में कैश, ज्वेलरी, विदेशी मुद्राएं बरामद की गयी थीं। इसके बाद से ही राजेंद्र प्रसाद जांच से बचने की कोशिश में लगे हुए हैं।