लालू परिवार में थम नहीं रहा सत्ता का संघर्ष! आरजेडी दफ्तर से हटा तेजप्रताप का पोस्टर, दिखा तेजस्वी का चेहरा

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पटना: आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों, तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव, के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पोस्टर के जरिए दोनों भाइयों के बीच चल रही जंग साफ नजर आ रही है। रविवार को आरजेडी दफ्तर में छात्र यूनिट से जुड़ा एक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें तेजप्रताप मुख्य अतिथि थे। पार्टी दफ्तर पर सिर्फ तेजप्रताप के पोस्टर दिखाई दे रहे थे। इन पोस्टरों से तेजस्वी का चेहरा गायब था। अब पार्टी दफ्तर पर नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लालू यादव, राबड़ी देवी के अलावा सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर है और तेजप्रताप गायब हैं। जब इस बारे में आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दोनों भाइयों के बीच कोई सत्ता संघर्ष नहीं चल रहा है और रविवार को जो हुआ वह केवल मानवीय भूल था। प्रवक्ता ने आगे कहा कि तेजप्रताप पहले ही तेजस्वी को भविष्य का मुख्यमंत्री बता चुके हैं।

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जगदानंद पर फिर बरसे तेजप्रताप, कहा- कुर्सी किसी की बपौती नहीं

बता दें कि तेजप्रताप ने रविवार को एक बार फिर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। तेजप्रताप यादव ने जगदानंद सिंह को हिटलर तक कह डाला और सीधे-सीधे चुनौती देते हुए कह दिया कुर्सी किसी की बपौती नहीं है। तेजप्रताप ने कहा कि जगदानंद सिंह हिटलर शाही चला रहे हैं और पार्टी में मनमानी कर रहे हैं। वो कुर्सी को अपनी बपौती समझ रहे हैं। कुर्सी किसी की नहीं होती है, कब किसकी कुर्सी चली जाए, कोई ठिकाना नहीं होता है। हम स्वास्थ्य मंत्री थे, हमारी भी कुर्सी गई थी। नाराज तेजप्रताप ने कहा कि पहले कार्यालय का नजारा ये होता था कि सारे दरवाजे खुले रहते थे। लोग आराम से आते-जाते थे। लेकिन जब से नए प्रदेश अध्यक्ष बने हैं सिस्टम ही कुछ बदल गया है। लेकिन, हम हैं कि सभी को एक ही सिस्टम में ले जाना चाहते हैं, इसलिए हमने भी आना-जाना शुरू कर दिया है। हमें नियम कानून से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पार्टी में ऐसा नहीं होना चाहिए।