खादी ग्रामोद्योग से राशि लेकर बुनकर ने नहीं बनाया वर्क शेड

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nirikshan

जांच में हुआ खुलासा, सात वर्षों से बंद मिला करघा

बगैर बुनाई किये कागज में तैयार किया वस्त्र, उठाया राशि

परवेज़ अख्तर/सीवान:- जिला खादी ग्रामोद्योग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. बगैर कार्य किये वस्त्र बुनने की राशि का उठाव भी किया गया है. यह खुलासा खादी ग्रामोद्योग संघ के तरफ से गठित जांच टीम के सामने हुआ है. ग्रामीणों से मिली शिकायत पर संघ के मंत्री अनुज कुमार सिंह ने खादी भंडार थाना रोड के प्रबंधक व संघ के पूर्व अध्यक्ष बिपिन बिहारी राय के नेतृत्व में उत्पति केंद्र के प्रभारी अनिल कुमार सिंह तथा बरौली के बिनय कुमार पांडेय की टीम गठित कर जांच का आदेश दिया. जांच टीम शुक्रवार की सुबह सीवान जिले के गोरेयाकोठी प्रखंड के लधी सरार गांव में पहुंचकर जांच किया. जांच के दौरान पाया कि बुनकर नेसार अहमद को वर्ष 2012-13 में वर्कशेड बनाने के लिए राशि का आवंटन किया गया था. भौतिक जांच में कहीं भी वर्कशेड नहीं मिला. जांच के क्रम में नेसार अहमद के मौजूदगी में ग्रामीण सद्दाम हुसैन, फैजुल्लाह अंसारी, सरफुद्दीन अंसारी आदि ने बताया कि यहां कभी भी वर्कशेड नहीं था. लगभग सात वर्ष पूर्व से ही करघा भी नहीं चलता है. जांच के दौरन स्पष्ट हुआ कि बगैर करघा चलाये ही गोपालगंज खादी ग्रामोद्योग से वर्ष 2017 तक तत्कालीन मंत्री के सेटिंग पर कागजों में बुनकर का काम कर लगातार नेसार अहमद के द्वारा भुगतान भी लिया गया. नेसार का पुत्र विदेश में काम कर रहा था एक बेटा इंजीनियरिंग का छात्र है. दोनों का फर्जी निशान देकर उनके नामपर भी बुनाई का फर्जी राशि उठा ली गयी है. जांच टीम ने अपना रिपोर्ट सौपते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है.

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