गुठनी में घायल युवक ने इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम

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Dead Body

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के गुठनी थाना क्षेत्र के भठही गांव के समीप 11 मई को हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि, दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल युवक लार थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी अजीत साहनी (18) वर्ष को परिजनों ने गंभीर हालत में गोरखपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उसे लखनऊ स्थित पीजीआई में रेफर कर दिया। परिजनों का कहना था कि सर, पेट, सीने और शरीर में गंभीर चोट की वजह से मंगलवार की देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। उसके परिजनों में हाहाकार मच गया। परिजनों का कहना था कि वह अपने रिश्तेदार के बारात में शामिल होने के लिए जा रहा था। तभी भठही के समीप सड़क हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके परिवार में उसकी मां पायला देवी, पिता राजकुमार साहनी, बहन इंदु साहनी परोमा साहनी और भाई धनंजय साहनी शामिल है। घटना के संबंध में थानाअध्यक्ष अभिमन्यु कुमार का कहना है कि परिजनों के लिखित शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया जाएगा। और मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। पीड़ित परिवार की तरफ से पुलिस को अभी कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।

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स्पीड से बढ़ रहे हैं सड़क हादसे के गंभीर मामले

थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे का मुख्य कारण हाई स्पीड और ओवर स्पीड ड्राइविंग है। जिससे गुठनी मैरवा, गुठनी दरौली और गुठनी मेहरौना मुख्य सड़क पर बिगत 1 महीने में 13 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। इसमें युवाओं द्वारा ओवर स्पीड बाइक ड्राइविंग, बिना हेलमेट, शराब पीकर बाइक चलाने, ट्रैफिक रूल का पालन न करने का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है की अधिकतर सड़क दुर्घटना में मरने वालों में युवा पीढ़ी शामिल हैं। जिनको सड़क सुरक्षा का कोई जानकारी नहीं है। गुठनी प्रभारी थानाध्यक्ष अभिमन्यु कुमार का कहना है की परिजनो को भी आगे बढ़कर अपने बच्चो को समझाने की जरूरत है। ताकि सड़क हादसे को कम किया जा सके।

सड़क हादसे के बाद नही मिल पाता बेहतर इलाज

थाना क्षेत्र में एक के बाद एक सड़क हादसे में आम लोगो को सोचने के मजबूर कर दिया है। वही सड़क हादसे में घायल लोगो को बेहतर तरीके से ईलाज न मिलने से उनकी जान चली जाती है। लोगो की माने तो पीएचसी व सदर अस्पताल में बेहतर ईलाज के अभाव में अधिकतर लोगों को मौत हो चुकी है। उनका कहना था की स्थानीय प्रशासन,जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एमपी, एमएलए, प्रमुख को पीएचसी और सदर अस्पताल के बिकास पर आंख खोलने की जरूरत है। पीएचसी में दवा, ऑक्सीजन, प्री मेडिकल चेकअप, कर्मियो की कमी, समान की कमी को जल्द दूर करके लोगो की जिंदगी को बचाया जा सकता है।