नबी के नाम पर जो लोग कुर्बान होते हैं यकीनन…

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खोरी पाकर में फैजाने इल्म कॉंफ्रेंस व जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन

परवेज अख्तर/सिवान :-जिले के बसंतपुर प्रखंड के खोरी पाकर मदरसा दारुल उलूम आरफिया रजा ए खुदा में बुधवार की शाम नमाजे ईशा के बाद फैजाने इल्म कांफ्रेंस एवं जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न स्थानों से बड़े-बड़े उलेमा व शायर शामिल हुए। प्रसिद्ध वक्ता मुफ्ती सुल्तान रजा ने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज भारत में आए तो एक हाथ में कुरान लाए और एक हाथ में नबी का किरदार लाए और आज जरूरत है हमें इमामे हुसैन और बीबी फातमा के नक्शे कदम पर चलने की। इमामे हुसैन ने कुरान व इस्लाम को बचाने के लिए अपनी जान व अपने खानदान को कुर्बान कर दिया। इमामे हुसैन कुरान बचाना भी जानते थे और कुरान सुनाना भी। इसके बाद शायरे इस्लाम सागर जिया कलकत्तवी ने लोगों को शायरी सुना खूब वाहवाही लूटी। शायर मो. अली फैजी ने अपनी कलाम पढ़ी- "नबी के नाम पर जो लोग कुर्बान होते हैं यकीनन बागे जन्नत के वही मेहमान होते हैं"। का श्रोताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया। उसके बाद हजरत आशिक हुसैन कश्मीरी, मौलाना गुलाम गौस कादरी, मुफ्ती कौसर इमाम ने भी अपना विचार रखा। इसके बाद मदरसे के 10 बच्चों की दस्तारबंदी भी हुई। कांफ्रेंस में दूर-दूर से काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसमें हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोग शामिल हुए। मौके पर मदरसा के सदर मौलाना शमीम साहब, अजमत उल्लाह मिस्बाही, मौलाना हाशिम हाफिज तनवीर उल कादरी, मुखिया मो. युसूफ, मैनुद्दीन, क्यामुद्दीन, आफताब आलम, आलमगीर अंसारी, मौलाना अखलाक, हदीस अंसारी, मो. नुरैन आदि शामिल थे।

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