मधुबनी नरसंहार कैसे बन गया है नीतीश और बीजेपी के लिए गले की फांस?

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पटना : रंगों के त्योहार होली के दिन पूरा देश जश्न मना रहा था और लोग अबीर-गुलाल से सराबोर थे तो बिहार के मधुबनी जिले के महमूदपुर गांव में मातम छाया हुआ था. मछली के तालाब को लेकर महमूदपुर गांव के राजपूत परिवार के 5 सदस्यों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई, जिसमें आरोपी ज्यादातर ब्राह्मण समुदाय के हैं. ऐसे में इस हत्याकांड ने एक बार फिर से बिहार के जातीय नरसंहार की याद को ताजा कर दिया है. इस घटना को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है तो नीतीश सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है.

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बिहार के महमूदपुर गांव में हुए नरसंहार को लेकर सियासत तेज हो गई है. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में राजपूत समुदाय ने बड़ी संख्या में बीजेपी और जेडीयू को वोट दिया था. वहीं, आरजेडी ने अब इस मामले को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. तेजस्वी ने पहले हत्याकांड के लिए एक कमेटी बनाई है तो दूसरी तरफ खुद भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे हैं.

तेजस्वी ने नीतीश सरकार को घेरा

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव कहा कि कि बिहार में कानून का राज नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में अपराधियों का शासन चल रहा है. होली के दिन बिहार में खून की होली खेली गई और राजपूत समुदाय के पांच लोगों का नरसंहार हुआ. बिहार में राक्षस राज है तभी तो रावण संगठन चलाया जा रहा है. प्रशासन को रावण सेना संगठन के संबंध में पता नहीं है. तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि सूबे में न्याय के साथ विकास हो रहा है, लेकिन महमूदपुर का सामूहिक हत्याकांड सरकार, प्रशासन और भाजपा के विधायक व पूर्व मंत्री पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

तेजस्वी ने कहा कि हत्याकांड के अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप बीजेपी विधायक पर लग रहा है. मुख्यमंत्री को आंख खोलकर न्याय देना चाहिए. रावण सेना को संरक्षण कौन दे रहे थे, इसकी जांच होनी चाहिए. बहुत दिनों से विवाद चल रहा था, जिसको लेकर परिवार वालों को बराबर डराया व धमकाया जा रहा था. साथ ही कहा कि कहीं भी अन्याय होगा वहां तेजस्वी और आरजेडी पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी. तेजस्वी ने कहा कि सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के साथ ही पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक विनोद नारायण झा से पूछताछ होनी चाहिए.

क्यों हुआ महमूदपुर में नरसंहार

बता दें कि मछली के तलाब को लेकर महमूदपुर के संजय सिंह (पीड़ित परिवार) और गैबीपुर गांव के मुकेश साफी, प्रवीण झा बीच विवाद हुआ. संजय सिंह ने गैबीपुर गांव के प्रवीण झा समेत गांव के अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. वहीं, मुकेश साफी ने संजय सिंह समेत महमूदपुर गांव के अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. मुकेश साफी की शिकायत पर एसी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने संजय सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इस बाद 6 महीने तक मामला शांत रहा, लेकिन होली के दिन “रक्त चरित्र” में बदल गया. आरोपी प्रवीण झा के लोगों ने संजय सिंह के परिवार पर चढ़ाई कर पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया.

तालाब की जंग जातीय हिंसा में बदल गई

मधुबनी के महमूदपुर का मामला पूरी तरह जातीय हत्याकांड में शिफ्ट हो चुका है. मरने वाले राजपूत समुदाय से हैं जबकि आरोपी में ज्यादातर ब्राह्मण समुदाय से हैं. पीड़ित परिवार की ओर से इस मामले में 34 आरोपी बनाए हैं, जिनमें 18 ब्राह्मण समुदाय से हैं. मुख्य आरोपी प्रवीण झा है. यही वजह है कि पीड़ित परिवार के घर राजपूत नेताओं का जाने का सिलसिला जारी है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों पार्टी के नेता शामिल हैं.

महमूदपुर में पांच लोगों की हत्या के बाद सबसे पहले जेल में बंद बाहुबली आनंद मोहन के बेटे और शिवहर से आरजेडी विधायक चेतन आनंद वहां पहुंचे और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा. इसके बाद बीजेपी कोटे से मंत्री नीरज सिंह बबलू महमूदपुर पहुंचे और इस घटना को “नरसंहार” करार दिया और सरकार पर सवाल भी उठाए. उन्होंने इस पूरे मामले को जातीय एंगल भी दिया.

बीजेपी और जेडीयू के राजपूत नेता भी पहुंचे

बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि अब समय आ गया है कि पुलिस पैसे के लिए शराब पकड़ना छोड़कर अपराधियों को पकड़े. पीड़ित परिवार से मिलने के लिए नीतीश सरकार में पूर्व मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता जय कुमार सिंह, पूर्व विधायक मनजीत सिंह समेत जेडीयू नेता शैलेंद्र कुमार सिंह और डॉ सुनील कुमार सिंह पहुंचे. जय कुमार सिंह ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाया.

वहीं, तेजस्वी यादव ने महमूदपुर हत्याकांड की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित की. इसमें बाहुबली नेता और पूर्व सांसद रामा सिंह को जांच समिति का संयोजक बनाया गया. इसके अलावा विधायक सुधाकर सिंह, शशि भूषण सिंह, चेतन आनंद, पूर्व विधायक रणधीर सिंह समेत 6 सदस्य भी रखे गए, जिनमें ज्यादातर राजपूत समुदाय के हैं. इसके बाद खुद भी तेजस्वी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और नीतीश सरकार को घेरा. साथ ही बीजेपी विधायक विनोझ झा को निशाने पर लिया.