ग्रामीणों को मिला तीन वर्षीय लावारिस बच्‍चा

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परवेज़ अख्तर/सीवान:- मलमलिया चौक पर पिछले तीन दिनों से एक ढाई वर्ष का बच्चा अपनों के इंतजार में व्याकुल है। उसके जबान से बस मां की ही आवाज निकल रही है और आंखों से आंसूओं की धारा निरंतर बहती जा रही है। ग्रामीण भी उसकी इस बेचैनी को देख दिन रात एक कर अपने प्रयास से उसके परिजनों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी जब बच्चे के लिए कोई नहीं आया तो थक हार कर ग्रामीणों ने पूर्व मुखिया के नेतृत्व में उसे स्थानीय थाना पहुंचाया जहां से थानाध्यक्ष द्वारा बच्चे को नहला कर मुख्यालय स्थित दत्तक केंद्र को सूचित किया गया। सूचना पर दत्तक केंद्र थाने पहुंची और बच्चे को अपने साथ लेकर आ गई। बच्चा सिर्फ अपना नाम कुंदन बता रहा है।
मामले में बताया जाता है कि 16 अप्रैल को मलमलिया चौक पर एक ढाई वर्ष का बच्चा लावारिस स्थिति में ग्रामीणों को मिला। पूछताछ करने के क्रम में बच्चा सिर्फ रो रहा था और मां-मां की रट्टे लगाए जा रहा था। ग्रामीणों ने चौक स्थित पूर्व मुखिया गजेंद्र सिंह के हवाले कर उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। लेकिन जब बच्चे के परिजनों का कोई सुराग नहीं मिला तो थक हार कर गुरुवार को पूर्व मुखिया गजेंद्र सिंह, मलमलिया निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि बालक कुपोषण का काफी शिकार है। उसे तीन दिन से भोजन, मिठाई, फल, कपड़ा दे उसे सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चा के बोलने की भाषा से लगता है कि मैथली भाषा बोल रहा है। थानाध्यक्ष राकेश मोहन ने बताया कि पूर्व मुखिया द्वारा बच्चा को थाना पहुंचाने के बाद बच्चा को नहला कर भोजन कराया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे को दत्तक केंद्र भेजने की व्यवस्था की जा रही है। मुखिया गजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से साथ-साथ अपील भी की, की बच्चे को उसके माँ-बाप के पास पहुंचाने में उनकी मदद करें। उन्होंने बताया बच्चा सिर्फ अपना नाम कुंदन बता रहा है। जिससे पता करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।